
Odisha ओडिशा: मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने एक बड़े रोजगार कार्यक्रम के तहत 4,623 नए चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने सभी नव-नियुक्त कर्मचारियों को अपनी प्रोफेशनल जिंदगी में पांच महत्वपूर्ण सिद्धांतों का पालन करने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सिद्धांत प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जनता के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे।
मुख्यमंत्री द्वारा बताए गए पांच सिद्धांतों में भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस, जनता की समस्याओं पर संवेदनशीलता, बिना किसी भेदभाव के कार्य करना, समय पर सेवाएं प्रदान करना और अपने व्यवहार में विनम्रता तथा पेशेवर रवैया बनाए रखना शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी केवल आजीविका का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज की सेवा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
इस भर्ती अभियान में कुल सात विभाग शामिल रहे। इनमें स्कूल और मास शिक्षा विभाग में सबसे अधिक 4,113 नियुक्तियां की गईं। इसके अलावा वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग में 154, MSME विभाग में 143, स्टील और माइंस में 77, मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास विभाग में 70, पंचायती राज एवं पेयजल विभाग में 52 तथा कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में 14 नियुक्तियां शामिल थीं।
मुख्यमंत्री ने नव-नियुक्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारी प्रशासन की रीढ़ होते हैं और सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि वेलफेयर योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना इन कर्मचारियों की जिम्मेदारी है।
माझी ने यह भी जानकारी दी कि जून 2024 से अब तक राज्य सरकार ने 44,082 सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। इसके साथ ही प्राइवेट सेक्टर में लगभग 92,000 लोगों को रोजगार दिलाने में भी सरकार ने सहायता की है, जिससे राज्य में रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई है।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय आदिवासी मामलों के मंत्री जुआल ओराम गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ओडिशा में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं, जो राज्य के विकास के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
कार्यक्रम में राज्य के कई मंत्री भी उपस्थित रहे, जिनमें गोकुलानंद मल्लिक, गणेश राम सिंह खुंटिया, नित्यानंद गोंड, रवि नारायण नाइक और संपद चंद्र स्वैन शामिल थे। सभी ने इस भर्ती प्रक्रिया को राज्य के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।
कुल मिलाकर यह कार्यक्रम न केवल रोजगार वितरण का अवसर रहा, बल्कि सरकार की प्रशासनिक प्राथमिकताओं और पारदर्शी शासन के संदेश को भी सामने लाने वाला साबित हुआ।





