ओडिशा

खुर्दा के जेएनवी में पीलिया के 40 छात्रों की जांच, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा

SHIDDHANT
5 Jan 2026 8:55 PM IST
खुर्दा के जेएनवी में पीलिया के 40 छात्रों की जांच, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा
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Odisha ओडिशा: खुरदा जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) में पीलिया के 40 छात्रों के संक्रमित होने की खबर के बाद राज्य सरकार ने तत्काल कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग ने सोमवार को इस मामले पर जानकारी देते हुए कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और प्रभावित छात्र अब स्वस्थ हैं। मंत्री ने बताया कि जैसे ही यह मामला सरकार के संज्ञान में आया, जिला प्रशासन ने तुरंत कार्यवाही करते हुए मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी (CMO) खुर्दा को स्थिति का जायजा लेने के लिए भेजा। इसके साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य टीम भी जांच के लिए मौके पर पहुंची।
पीलिया की जांच के तहत स्कूल परिसर के पानी के सैंपल भी लिए गए हैं, जिससे यह पता लगाया जा रहा है कि संक्रमण का स्रोत क्या रहा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “हमने तुरंत कदम उठाए और सभी प्रभावित छात्रों का उपचार किया गया। सभी 40 छात्र अब स्वस्थ हैं और किसी भी गंभीर स्थिति की खबर नहीं है। मंत्री महालिंग ने आगे कहा कि स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर जेएनवी में सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। संक्रमित छात्रों की चिकित्सा निगरानी लगातार जारी है और स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ इसे लगातार मॉनिटर कर रहे हैं।
खुरदा जिले के जिला प्रशासन ने भी अपने आधिकारिक बयान में कहा कि स्कूल परिसर में हाइजीन और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। छात्रों को संक्रमण से बचाने के लिए उनके भोजन, पानी और रहन-सहन की स्थिति पर सख्त निगरानी की जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, जेएनवी जैसी बड़े विद्यालय परिसरों में वायरल पीलिया (जिन्हें वायरल हिपेटाइटिस भी कहा जाता है) का प्रकोप अक्सर पानी या भोजन के माध्यम से फैलता है। इसके कारण जल्दी उपचार और संक्रमण के स्रोत की पहचान बेहद महत्वपूर्ण होती है।
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि जिले में अन्य स्कूलों और शिक्षा संस्थानों में भी संक्रमण की संभावनाओं को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है। किसी भी अप्रत्याशित स्थिति के लिए आपात चिकित्सा टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। मंत्री महालिंग ने मीडिया से कहा, “हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य है। हमारी टीम ने सभी मामलों की त्वरित जांच की है और हमें राहत की बात यह है कि सभी छात्र ठीक हैं।
इस मामले ने पूरे जिले और राज्य में स्कूल स्वास्थ्य और स्वच्छता पर चर्चा को भी बढ़ावा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित रूप से पानी की जांच, भोजन की निगरानी और छात्रों को स्वच्छता की शिक्षा देना संक्रमण रोकने के लिए बेहद जरूरी है। जिला प्रशासन ने जनता और अभिभावकों से भी अपील की है कि वे छात्रों की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखें और किसी भी लक्षण मिलने पर तुरंत स्कूल और स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचित करें। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने में सक्षम हैं और विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
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