ओडिशा

सुंदरगढ़ में जंगली हाथी के हमले में 16 वर्षीय किशोर की मौत

Kavita2
16 July 2026 2:38 PM IST
सुंदरगढ़ में जंगली हाथी के हमले में 16 वर्षीय किशोर की मौत
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सुंदरगढ़ : ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में गुरुवार तड़के एक दर्दनाक घटना में जंगली हाथी के हमले से 16 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। यह हादसा बिसरा फॉरेस्ट रेंज के अंतर्गत संतोषपुर रिजर्व फॉरेस्ट के समीप हुआ। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और वन्यजीव-मानव संघर्ष की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया।

मृतक की पहचान जाबाघाट गांव निवासी दिलेश्वर महंत के पुत्र अशोक नाथ महंत (16) के रूप में हुई है। अशोक ने हाल ही में 10वीं कक्षा (मैट्रिक) की परीक्षा उत्तीर्ण की थी और आगे की पढ़ाई की तैयारी कर रहा था।

तड़के हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह अशोक किसी काम से घर से निकला था। इसी दौरान संतोषपुर रिजर्व फॉरेस्ट के पास उसका सामना एक जंगली हाथी से हो गया। इससे पहले कि वह सुरक्षित स्थान पर पहुंच पाता, हाथी ने उस पर हमला कर दिया।

हमला इतना गंभीर था कि किशोर की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए और वन विभाग तथा पुलिस को सूचना दी गई।

गांव में पसरा मातम

अशोक की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि अशोक पढ़ाई में होनहार था और हाल ही में उसने मैट्रिक परीक्षा अच्छे अंकों से पास की थी।

गांव के लोगों ने कहा कि परिवार ने एक होनहार बेटे को खो दिया है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।

मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन

घटना से नाराज स्थानीय लोगों ने पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता और सरकारी मुआवजा देने की मांग करते हुए विरोध-प्रदर्शन किया।

ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से सटे इलाकों में जंगली हाथियों का लगातार आना-जाना बना रहता है, जिससे लोगों की जान-माल को खतरा बना रहता है। उनका आरोप है कि वन विभाग की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मृतक के परिवार को तत्काल मुआवजा दिया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी उपाय किए जाएं।

वन विभाग ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की।

शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वन विभाग के अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं और पीड़ित परिवार को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कह रहे हैं।

मानव-हाथी संघर्ष बना बड़ी चुनौती

ओडिशा के कई जिलों, विशेषकर सुंदरगढ़, क्योंझर, मयूरभंज, ढेंकानाल और अंगुल जैसे क्षेत्रों में मानव-हाथी संघर्ष लंबे समय से गंभीर समस्या बना हुआ है।

जंगलों के सिकुड़ने, हाथियों के पारंपरिक मार्गों में बदलाव और आबादी बढ़ने के कारण जंगली हाथी अक्सर गांवों में प्रवेश कर जाते हैं। इससे फसलों को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ लोगों की जान भी खतरे में पड़ जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि हाथियों के सुरक्षित आवागमन के लिए वन गलियारों (कॉरिडोर) का संरक्षण और स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।

ग्रामीणों ने की स्थायी समाधान की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में हाथियों की गतिविधियों की निगरानी बढ़ाई जाए और समय रहते लोगों को सतर्क किया जाए। इसके अलावा, जंगल से सटे गांवों में सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की भी मांग की गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।

फिलहाल, अशोक नाथ महंत की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। प्रशासन और वन विभाग की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि ग्रामीण पीड़ित परिवार को शीघ्र मुआवजा और मानव-वन्यजीव संघर्ष की समस्या के स्थायी समाधान की मांग पर अड़े हुए हैं।

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