
भुवनेश्वर। ओडिशा में उच्च शिक्षा को रोजगार और आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उच्च शिक्षा विभाग ने शनिवार को छात्रों के कौशल विकास, रोजगार क्षमता और डिजिटल लर्निंग को मजबूत करने के उद्देश्य से CSRBOX, नंदी फाउंडेशन और ओडिशा नॉलेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (OKCL) के साथ कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों के जरिए राज्य के कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ उद्योगों की जरूरत के मुताबिक कौशल विकसित करने के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
इसी क्रम में विभाग ने NASSCOM के सहयोग से ‘AI Course for All’ कार्यक्रम की भी शुरुआत की है। इसका उद्देश्य छात्रों के साथ फैकल्टी सदस्यों को भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी बुनियादी और उपयोगी जानकारी तथा कौशल उपलब्ध कराना है। तेजी से बदलते रोजगार बाजार में AI की बढ़ती भूमिका को देखते हुए इस पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
1.25 लाख से अधिक छात्रों को मिलेगा लाभ
उच्च शिक्षा विभाग और IBM–CSRBOX के बीच हुए समझौते के तहत राज्य भर के 1.25 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को व्यापक कौशल विकास कार्यक्रम से जोड़ने की योजना है।
खास बात यह है कि कार्यक्रम केवल तकनीकी पाठ्यक्रमों के छात्रों तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम के विद्यार्थियों को भी शामिल किया जाएगा।
इससे बड़ी संख्या में ऐसे विद्यार्थियों को रोजगार से जुड़े कौशल हासिल करने का मौका मिलेगा, जो पारंपरिक डिग्री पाठ्यक्रमों में पढ़ाई कर रहे हैं।
पढ़ाई के साथ रोजगार की तैयारी
इस पहल का प्रमुख उद्देश्य उच्च शिक्षा और रोजगार के बीच मौजूद कौशल अंतर को कम करना है। कॉलेज से डिग्री हासिल करने के बाद विद्यार्थियों को नौकरी के लिए जरूरी व्यावहारिक और डिजिटल कौशल की आवश्यकता होती है।
नई साझेदारियों के जरिए छात्रों को ऐसे कौशल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा जो रोजगार बाजार में उनकी उपयोगिता बढ़ा सकें।
राज्य सरकार का फोकस इस बात पर है कि कॉलेजों से निकलने वाले विद्यार्थी केवल शैक्षणिक योग्यता तक सीमित न रहें बल्कि उनके पास नौकरी और करियर के लिए जरूरी अतिरिक्त क्षमताएं भी हों।
‘AI Course for All’ की शुरुआत
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा NASSCOM के सहयोग से शुरू किया गया ‘AI Course for All’ है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज आईटी उद्योग तक सीमित नहीं रह गया है। बैंकिंग, स्वास्थ्य, शिक्षा, विनिर्माण, मीडिया, कृषि, प्रशासन और कारोबार सहित कई क्षेत्रों में इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।
इसी बदलाव को ध्यान में रखते हुए छात्रों और शिक्षकों को AI से परिचित कराने की योजना बनाई गई है।
फैकल्टी सदस्यों को भी मिलेगा प्रशिक्षण
‘AI Course for All’ केवल विद्यार्थियों के लिए नहीं है। इसके दायरे में फैकल्टी सदस्यों को भी शामिल किया गया है।
शिक्षकों को AI की जानकारी मिलने से वे नई तकनीक को शिक्षण प्रक्रिया में बेहतर तरीके से समझ और इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे विद्यार्थियों तक भी आधुनिक तकनीकी ज्ञान पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
डिजिटल दौर में शिक्षकों का तकनीकी रूप से अपडेट रहना उच्च शिक्षा की गुणवत्ता के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
डिजिटल लर्निंग पर विशेष जोर
ओडिशा सरकार की नई पहल में डिजिटल लर्निंग को मजबूत करना भी प्रमुख लक्ष्य है।
ऑनलाइन पाठ्यक्रम, डिजिटल प्लेटफॉर्म और तकनीक आधारित प्रशिक्षण ने उच्च शिक्षा के स्वरूप में बड़ा बदलाव किया है। विद्यार्थी अब पारंपरिक कक्षाओं के साथ डिजिटल माध्यम से भी नई क्षमताएं विकसित कर सकते हैं।
नई साझेदारियों के जरिए राज्य के विद्यार्थियों तक डिजिटल संसाधनों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की पहुंच बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।
आर्ट्स कॉमर्स के छात्रों के लिए भी अवसर
आमतौर पर AI, डिजिटल स्किल और आधुनिक तकनीक से जुड़े कार्यक्रमों को इंजीनियरिंग या कंप्यूटर साइंस के विद्यार्थियों से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन ओडिशा के इस कार्यक्रम में आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स के विद्यार्थियों को शामिल करना इसकी महत्वपूर्ण विशेषता है।
इसका उद्देश्य तकनीकी ज्ञान और रोजगार योग्य कौशल को किसी एक शैक्षणिक स्ट्रीम तक सीमित न रखना है।
इससे गैर-तकनीकी विषयों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को भी डिजिटल अर्थव्यवस्था में उपलब्ध नए अवसरों के लिए खुद को तैयार करने में मदद मिल सकती है।
CSRBOX और नंदी फाउंडेशन से साझेदारी
उच्च शिक्षा विभाग ने CSRBOX और नंदी फाउंडेशन जैसे संगठनों के साथ समझौते किए हैं। इन साझेदारियों के माध्यम से विद्यार्थियों के कौशल विकास और रोजगार क्षमता को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाए जाने की योजना है।
कॉरपोरेट और सामाजिक संगठनों के अनुभव को उच्च शिक्षा व्यवस्था से जोड़कर प्रशिक्षण के अवसरों का विस्तार किया जा सकता है।
इस तरह की साझेदारी छात्रों को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों से परिचित कराने में भी मददगार हो सकती है।
OKCL के साथ डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा
ओडिशा नॉलेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के साथ हुआ समझौता डिजिटल लर्निंग के विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
डिजिटल शिक्षा के माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक भी प्रशिक्षण और नई तकनीक से संबंधित सामग्री पहुंचाई जा सकती है।
यदि कार्यक्रम बड़े स्तर पर लागू होता है तो छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को भी आधुनिक कौशल प्रशिक्षण से जुड़ने का अवसर मिल सकता है।
बदलते रोजगार बाजार के लिए तैयारी
AI और ऑटोमेशन के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के कारण रोजगार बाजार में भी बदलाव हो रहा है। कई पारंपरिक नौकरियों की प्रकृति बदल रही है और नई तरह की नौकरियां सामने आ रही हैं।
ऐसे माहौल में विद्यार्थियों को केवल डिग्री के भरोसे रोजगार बाजार में उतारना पर्याप्त नहीं माना जा रहा। डिजिटल कौशल, संवाद क्षमता, समस्या समाधान और नई तकनीकों की समझ भी महत्वपूर्ण होती जा रही है।
ओडिशा सरकार की यह पहल इसी बदलती आवश्यकता को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
कॉलेज से करियर तक मजबूत होगा रास्ता
इन समझौतों का दीर्घकालिक उद्देश्य कॉलेज की पढ़ाई और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है। यदि विद्यार्थी पढ़ाई के दौरान ही जरूरी कौशल सीख लेते हैं तो नौकरी तलाशने या अपना व्यवसाय शुरू करने में उन्हें फायदा मिल सकता है।
विशेष रूप से 1.25 लाख से अधिक विद्यार्थियों को कार्यक्रम के दायरे में लाने की योजना इसे बड़े पैमाने की पहल बनाती है।
उच्च शिक्षा में तकनीक की बढ़ेगी भूमिका
ओडिशा उच्च शिक्षा विभाग की नई पहल से साफ है कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा में तकनीक और रोजगार आधारित प्रशिक्षण की भूमिका बढ़ाने पर जोर दे रही है।
CSRBOX, नंदी फाउंडेशन और OKCL के साथ समझौते तथा NASSCOM के सहयोग से ‘AI Course for All’ की शुरुआत इसी रणनीति का हिस्सा है।
अब इन कार्यक्रमों के क्रियान्वयन पर नजर रहेगी। यदि योजनाएं प्रभावी तरीके से कॉलेज स्तर तक पहुंचती हैं तो राज्य के लाखों विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक सीखने, रोजगार योग्य कौशल विकसित करने और तेजी से बदलते नौकरी बाजार के लिए खुद को तैयार करने में मदद मिल सकती है।





