
भुवनेश्वर: ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) RS गोपालन ने कथित तौर पर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के लिए आवेदन किया है।
सूत्रों का कहना है कि 2001 बैच के IAS अधिकारी ने निजी कारणों से VRS का विकल्प चुना है। गोपालन पिछले दो वर्षों से राज्य के CEO के रूप में काम कर रहे हैं। उनके पास आबकारी विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी है।
अधिकारी ने अपने सेवा कार्यकाल के पूरा होने से लगभग 18 महीने पहले VRS मांगा है, जो जून 2028 में समाप्त होने वाला था।
यह कदम भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) की जांच के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ओडिशा में 21 सितंबर को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के साथ SIR प्रक्रिया पूरी हुई। राज्य में इस प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से लगभग 17 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं।
सरकारी सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन करने के शीर्ष नौकरशाह के फैसले ने ओडिशा के सत्ता के गलियारों में हलचल मचा दी है। इससे पहले, ओडिशा-कैडर के IPS अधिकारी जगमोहन मीना ने भी सेवा से इस्तीफा दे दिया था।





