ओडिशा

ओडिशा हाईकोर्ट ने 2017 के मामले में तीन पुलिसकर्मियों को जमानत देने से इनकार

Subhi
17 Oct 2026 10:17 AM IST
ओडिशा हाईकोर्ट ने 2017 के मामले में तीन पुलिसकर्मियों को जमानत देने से इनकार
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कटक: ओडिशा उच्च न्यायालय ने बुधवार को तीन पुलिसकर्मियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। इन पर 2017 में कोरापुट जिले के जयपुर टाउन पुलिस स्टेशन में 28 वर्षीय आकाश महुरिया की हिरासत में हुई मौत में शामिल होने का आरोप है।

जमानत देने से इनकार करते हुए, जस्टिस वी. नरसिंह ने कहा, "कानून के शासन से चलने वाले समाज में हिरासत के दौरान अनुशासन की उम्मीद की जाती है, न कि मौत की। हिरासत में होने का मतलब यह नहीं है कि किसी के संवैधानिक अधिकारों को दरकिनार कर दिया जाए।"

तीनों याचिकाकर्ता - कांस्टेबल देबेंद्र कुमार पाइक, एडिशनल सब-इंस्पेक्टर कृष्ण चंद्र बेहरा और सब-इंस्पेक्टर सिबा प्रसाद साहू - 29 अगस्त, 2025 से हिरासत में हैं। उन पर 30 जनवरी, 2017 को महुरिया की मौत का कारण बनने का आरोप है।

जस्टिस नरसिंह ने कहा कि इस चरण में आरोपियों को रिहा करने से मुकदमे की पवित्रता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल लंबे समय तक जेल में रहना ही जमानत देने का आधार नहीं हो सकता, खासकर ऐसे मामले में जहां नागरिकों की जान बचाने की जिम्मेदारी रखने वाले पुलिसकर्मियों पर हिरासत में हिंसा करने का आरोप हो।

मृतक के बारे में बताते हुए कि वह 14 मामलों में शामिल एक 'हिस्ट्री-शीटर' (पुराना अपराधी) था, जस्टिस नरसिंह ने कहा, "अनुच्छेद 21 के तहत जीवन का अधिकार किसी व्यक्ति के पिछले रिकॉर्ड या सामाजिक स्थिति पर निर्भर नहीं करता है।

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