
भुवनेश्वर: ओडिशा सरकार द्वारा नदी-जोड़ो कार्यक्रम की घोषणा के लगभग एक साल बाद, लगभग 1,790 करोड़ रुपये की कुल अनुमानित लागत वाली छह परियोजनाएं सर्वे, व्यवहार्यता मूल्यांकन और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के अलग-अलग चरणों में हैं।
11 नवंबर, 2025 को घोषित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सिंचाई, पीने के पानी की आपूर्ति और बाढ़ प्रबंधन के लिए नदी बेसिनों और जलाशयों के बीच अतिरिक्त पानी का ट्रांसफर करना है। इनमें से एक परियोजना पंप-स्टोरेज जलविद्युत विकास से भी जुड़ी है।
सबसे बड़ी परियोजना गजपति जिले में नंदिनी नाला-हराभंगा जलाशय लिंक है, जिसकी अनुमानित लागत 720 करोड़ रुपये है। इसमें मोहना ब्लॉक के रिंडिपंगा गांव के पास नंदिनी नाला पर एक संरचना बनाने का प्रस्ताव है, ताकि 46.62 मिलियन क्यूबिक मीटर (MCM) पानी को हराभंगा जलाशय में ट्रांसफर किया जा सके।
इस परियोजना से 6,825 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई में मदद मिलने और बेरहामपुर शहर को 7.63 MCM पानी उपलब्ध होने की उम्मीद है। जल संसाधन विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रारंभिक व्यवहार्यता रिपोर्ट पूरी हो चुकी है और DPR तैयार करने का काम चल रहा है।
मयूरभंज में, 170 करोड़ रुपये की कंसापाल इंटीग्रेटेड स्टोरेज स्ट्रक्चर लिंक परियोजना में कटरा नदी से अतिरिक्त पानी को सुवर्णरेखा मुख्य नहर और हल्दिया व जांभिरा जलाशयों की ओर मोड़ने का प्रस्ताव है। वैकल्पिक फीडर-चैनल अलाइनमेंट का सर्वे पूरा हो चुका है, जबकि DPR को राज्य तकनीकी सलाहकार समिति से मंजूरी मिल गई है।





