
भुवनेश्वर: नई दिल्ली में आयोजित 'भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एग्जीबिशन 2026' में, ओडिशा ने स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 18 समझौता ज्ञापनों (MoUs) के जरिए 1.17 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हासिल किए हैं। इन परियोजनाओं से 11,742 मेगावाट (MW) की अतिरिक्त क्षमता जुड़ने का अनुमान है।
इन परियोजनाओं में पंप स्टोरेज, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी, बैटरी स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन डेटा सेंटर जैसी उभरती तकनीकें शामिल हैं।
'भारत मंडपम' में ओडिशा पैवेलियन के उद्घाटन के बाद, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और उपमुख्यमंत्री के.वी. सिंह देव की मौजूदगी में ये समझौता ज्ञापन (MoUs) हस्ताक्षरित किए गए। ग्रिडको (GRIDCO) के प्रबंध निदेशक सत्य प्रिया रथ ने उद्योग प्रतिनिधियों के साथ इन समझौतों का आदान-प्रदान किया।
फेनिस हाइड्रोजन (Fenice Hydrogen) ने 23,750 करोड़ रुपये के निवेश से एक ग्रीन हाइड्रोजन परियोजना स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। शिवालया कंस्ट्रक्शन लिमिटेड ने 22,000 करोड़ रुपये की लागत वाली 2,500 मेगावाट की पंप स्टोरेज परियोजना में रुचि दिखाई है, जबकि मैक्लेक टेक्निकल प्रोजेक्ट लैबोरेटरी प्राइवेट लिमिटेड ने 19,444 करोड़ रुपये की लागत से 1,540 मेगावाट की जलविद्युत परियोजना (हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट) लगाने का प्रस्ताव दिया है।
हिंदुजा रिन्यूएबल्स एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड ने 12,500 करोड़ रुपये के निवेश से 2,400 मेगावाट की पंप स्टोरेज परियोजना लगाने की इच्छा जताई है। वहीं, मेघामाणि रिन्यू एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड ने 1,000 मेगावाट क्षमता वाली सौर/पवन/हाइब्रिड परियोजनाओं में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश करने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा, 'रिन्यू' (ReNew) कंपनी 9,000 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश के साथ 1,500 मेगावाट की पंप हाइड्रो स्टोरेज परियोजना स्थापित करेगी।





