
कटक: उड़ीसा उच्च न्यायालय ने जगतसिंहपुर जिले के मां सरला मंदिर में छह दुकान धारकों द्वारा नीलामी बकाया में 1 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान न करने का आरोप लगाने वाली याचिका पर राज्य सरकार और बंदोबस्ती आयुक्त से जवाब मांगा है।
तिर्तोल ब्लॉक के कनकपुर में मां सरला मंदिर 16वीं शताब्दी का ओडिशा के प्रमुख शक्ति मंदिरों में से एक है।
न्यायमूर्ति एसके पाणिग्रही और न्यायमूर्ति एमएस रमन की खंडपीठ ने 17 सितंबर को अंबिका मोहंती और दो अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और बंदोबस्ती आयुक्त को सुनवाई की अगली तारीख से पहले अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ताओं ने नीलामी बकाया का कथित भुगतान न करने के मामले में बंदोबस्ती आयुक्त, ओडिशा और सहायक बंदोबस्ती आयुक्त, कटक द्वारा संयुक्त जांच के लिए निर्देश देने की मांग की है।
याचिकाकर्ताओं ने छह नीलामी धारकों से बकाया राशि की वसूली के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश भी मांगे हैं। याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व अधिवक्ता शुभ्रांसु भूषण मोहंती ने किया।
अदालत ने मामले को 7 अक्टूबर के लिए पोस्ट कर दिया। याचिकाकर्ताओं ने 2019-20, 2023-24 और 2024-25 के लिए नीलाम की गई भोग और दीपक की दुकानों से संबंधित बकाया का कथित भुगतान न करने पर बंदोबस्ती आयुक्त और बंदोबस्ती, कटक के सहायक आयुक्त द्वारा संयुक्त जांच की मांग की है।
पीठ ने आदेश दिया, "राज्य सरकार, आयुक्त बंदोबस्ती को इस मामले की लिस्टिंग की अगली तारीख से पहले जवाब दाखिल करने के निर्देश के साथ नोटिस जारी करें।"
याचिका के मुताबिक, मां सरला मंदिर के कार्यकारी अधिकारी ने तीन साल के लिए भोग और दीपक की बिक्री के लिए मंदिर परिसर में दुकानों की नीलामी की थी. बाद में छह सबसे ऊंची बोली लगाने वालों को दुकानें सौंप दी गईं, लेकिन उन्होंने कथित तौर पर नीलामी राशि के भुगतान में चूक कर दी।





