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कोहिमा: 28 सितंबर को कोहिमा के अपर चंदमारी स्थित गोरखा पब्लिक पंचायत हॉल में "मेरा हथकरघा, मेरा गौरव" (My Handloom, My Pride) थीम पर आधारित दो हफ़्ते तक चलने वाले राज्य हथकरघा मेले (State Handloom Expo) का उद्घाटन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन नागालैंड एपेक्स वीवर्स एंड आर्टिसन्स कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड, दीमापुर (WEAFED) ने किया था और इसे भारत सरकार, नई दिल्ली के कपड़ा मंत्रालय के तहत हथकरघा विकास आयुक्त कार्यालय ने प्रायोजित किया था।
इस मेले का उद्घाटन सहयोग और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त और सचिव ओरेनथुंग लोथा ने किया। लोगों को संबोधित करते हुए, लोथा ने अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में कारीगरों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र अपनी समृद्ध कपड़ा विरासत के लिए जाना जाता है, जहाँ हर जनजाति अपनी पहचान और कहानियों को करघे (loom) पर बुनती है।
उन्होंने कहा कि इस मेले का मकसद बुनकरों, कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को अपने असली हथकरघा उत्पादों और पारंपरिक परिधानों को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच देना है, साथ ही उन्हें बड़े बाज़ारों से जोड़ना भी है। लोथा ने कारीगरों को पारंपरिक डिज़ाइनों को और बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि वे व्यावसायिक रूप से अधिक सफल हो सकें और उद्यमशीलता गतिविधियों के ज़रिए तरक्की कर सकें।
WEAFED के प्रबंध निदेशक ग्वारुनो खिंग ने बताया कि मेले में 60 स्टॉल हैं, जिनमें से 40 स्टॉल नागालैंड के स्थानीय कारीगरों ने लगाए हैं और 20 स्टॉल असम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और देश के अन्य राज्यों के कारीगरों के हैं।
यह मेला 12 अक्टूबर तक चलेगा और आगंतुकों के लिए सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक खुला रहेगा। प्रदर्शित उत्पादों में शॉल, मेखेला, पारंपरिक बैग, खिलौने और हार शामिल हैं, जो उचित कीमतों पर उपलब्ध हैं।
इस कार्यक्रम में सहकारी समितियों की सहायक रजिस्ट्रार असोसाला और सहकारी समितियों के संयुक्त रजिस्ट्रार रोकोविसा चेस भी शामिल हुए।
इस मेले का मकसद कारीगरों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बेचने के लिए एक मंच प्रदान करना, हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र को बढ़ावा देना और उद्योग के भीतर व्यावसायिक अवसरों को विकसित करना है।
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