
Nagaland नागालैंड: राज्यपाल नंद किशोर यादव ने राज्य में दिव्यांग लोगों के लिए कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच को बेहतर बनाने के लिए ब्लॉक और गांव स्तर पर विशेष कैंप आयोजित करने पर जोर दिया है। इन कैंपों के माध्यम से दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने का निर्देश दिया गया है।
यह प्रस्ताव लोक भवन में सामाजिक कल्याण विभाग के साथ आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान सामने आया। बैठक में विभागीय निदेशक तोशेली झिमोमी ने राज्यपाल को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी दी। इस दौरान दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं से जुड़ी योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत चल रही प्रमुख योजनाओं जैसे सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0, मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति की भी समीक्षा की गई। इन योजनाओं के माध्यम से पोषण सुधार, बच्चों की सुरक्षा और महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। साथ ही बाल संरक्षण से जुड़ी संस्थाओं जैसे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी और जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के कार्य प्रणाली पर भी चर्चा हुई, ताकि बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।
राज्यपाल नंद किशोर यादव ने विभागीय प्रयासों की सराहना करते हुए योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, जनजागरूकता बढ़ाने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक प्रभावी रूप से पहुंचे।
इसी क्रम में एक अलग बैठक में राज्यपाल ने आगामी मानसून सीजन की तैयारियों की भी समीक्षा की। यह समीक्षा अचानक बाढ़, भूस्खलन और अनियमित वर्षा पैटर्न की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए की गई।
अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष अल नीनो की स्थिति के बावजूद नागालैंड में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है। इसे देखते हुए जिला स्तर पर तैयारियों के लिए विस्तृत योजनाएं तैयार की गई हैं।
इन योजनाओं में कंट्रोल रूम की स्थापना, आवश्यक मशीनरी की तैनाती और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान शामिल है। लोक निर्माण विभाग ने बताया कि प्रमुख राजमार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और आपात स्थिति में संपर्क बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मार्गों की पहचान की जा रही है।
कोहिमा जिला प्रशासन ने भी टास्क फोर्स गठन, ट्रैफिक प्रबंधन योजना, मेडिकल सुविधाओं की तैयारी और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने जैसे कदमों की जानकारी दी।
कुल मिलाकर, नागालैंड प्रशासन ने एक ओर सामाजिक कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया है, वहीं दूसरी ओर मानसून के संभावित खतरों से निपटने के लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है।





