
Nagaland नागालैंड: असम के कार्बी आंगलोंग जिले के जोंगफा गांव (वेस्टर्न रेंगमा) में गुरुवार को आयोजित नागा स्टूडेंट्स फेडरेशन (NSF) की दूसरी फेडरल असेंबली में नागा एकता और सामूहिक पहचान को मजबूत करने का सर्वसम्मत संकल्प लिया गया। इस बैठक में नागा समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और साझा भविष्य, सुरक्षा तथा सामाजिक एकजुटता पर चर्चा की।
Naga Students’ Federation की इस बैठक की मेजबानी रेंगमा स्टूडेंट्स यूनियन (RSU) ने की। असेंबली में उपस्थित प्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि समाज के भीतर मौजूद मतभेदों से ऊपर उठकर नागा समुदाय को एक साझा लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
बैठक में कहा गया कि नागा लोगों की सामूहिक भलाई, सुरक्षा और भविष्य के लिए आपसी सहयोग और समझ को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। प्रतिनिधियों ने इस बात पर सहमति जताई कि सामाजिक और क्षेत्रीय विविधताओं के बावजूद एकता बनाए रखना समुदाय की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
असेंबली में यह भी उल्लेख किया गया कि नागा समुदाय को ऐतिहासिक रूप से जिन भौगोलिक और राजनीतिक सीमाओं का सामना करना पड़ा है, उनके बावजूद एक साझा पहचान को बनाए रखना आवश्यक है। इस संदर्भ में “एक आवाज़, एक नागा” की भावना को केंद्र में रखते हुए एकजुट रहने का संदेश दिया गया।
प्रतिभागियों ने कहा कि नागा समाज की ताकत उसकी एकता में निहित है और यदि यह एकता मजबूत रहती है, तो समुदाय अपने अधिकारों, विकास और भविष्य की दिशा में बेहतर तरीके से आगे बढ़ सकता है।
लंबी चर्चा और विचार-विमर्श के बाद असेंबली ने सर्वसम्मति से यह संकल्प दोहराया कि नागा एकता को बनाए रखने और समुदाय के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे। साथ ही यह भी कहा गया कि सभी निर्णय और पहल सामूहिक भावना और आपसी सहयोग के आधार पर लिए जाएंगे।
बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों ने यह भी माना कि युवाओं की भूमिका इस एकता को बनाए रखने में सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए छात्र संगठनों और युवा समूहों को सामाजिक समरसता और जागरूकता बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
फेडरल असेंबली के इस निर्णय को नागा समाज के भीतर एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जो भविष्य में संगठनात्मक एकता और सामूहिक पहचान को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।





