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नागालैंड के छात्रों ने जापान में बढ़ाया भारत का मान, हिरोशिमा ओरिज़ुरु फ़ेलोशिप पूरी

nidhi
6 Aug 2026 7:09 AM IST
नागालैंड के छात्रों ने जापान में बढ़ाया भारत का मान, हिरोशिमा ओरिज़ुरु फ़ेलोशिप पूरी
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नागालैंड यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने हिरोशिमा ओरिज़ुरु फ़ेलोशिप पूरी कर वैश्विक मंच पर बनाई पहचान

Kohima: नागालैंड यूनिवर्सिटी के दो छात्रों ने जापान में आयोजित प्रतिष्ठित हिरोशिमा ओरिज़ुरु फ़ेलोशिप समर कोर्स ऑन पीस एंड सस्टेनेबिलिटी सफलतापूर्वक पूरा कर विश्वविद्यालय और राज्य का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। यह कार्यक्रम शांति निर्माण, सतत विकास और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन जैसे वैश्विक विषयों पर केंद्रित था और इसमें विभिन्न देशों के युवा शोधकर्ताओं ने भाग लिया।

दो छात्रों ने किया विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व
फेलोशिप के लिए चयनित प्रतिभागियों में रेपाकाबा त्ज़ुदिर, जो समाजशास्त्र विभाग के पीएचडी शोधार्थी हैं, और इम्पोलोंग चांगकिरी, जो मनोविज्ञान विभाग के स्नातकोत्तर छात्र हैं, शामिल थे। दोनों ने नागालैंड यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी शैक्षणिक क्षमता का प्रदर्शन किया।
10 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम
यह 10 दिवसीय समर कोर्स 28 जुलाई से 6 अगस्त तक जापान के हिगाशी-हिरोशिमा कैंपस में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन हिरोशिमा यूनिवर्सिटी, जापान की सासाकावा पीस फाउंडेशन और अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी के संयुक्त सहयोग से किया गया।
शांति और सतत विकास पर रहा फोकस
इस वर्ष की फेलोशिप का विषय था "प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन में संघर्ष और सहयोग: सकारात्मक शांति एवं सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को आगे बढ़ाना।" कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने पर्यावरणीय संघर्ष, शांति स्थापना, प्राकृतिक संसाधनों के टिकाऊ प्रबंधन और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण जैसे विषयों पर अध्ययन किया।
व्याख्यान, कार्यशालाएं और फील्ड विजिट
फेलोशिप के दौरान छात्रों ने—
विशेषज्ञों के व्याख्यान में भाग लिया।
इंटरैक्टिव कार्यशालाओं में हिस्सा लिया।
फील्ड विजिट के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
विभिन्न देशों के शोधकर्ताओं के साथ संयुक्त शोध और अकादमिक संवाद किया।
इन गतिविधियों ने प्रतिभागियों को वैश्विक दृष्टिकोण के साथ स्थानीय समस्याओं के समाधान पर विचार करने का अवसर दिया।
शोध क्षमता को मिलेगा नया आयाम
विश्वविद्यालय के अनुसार, इस फेलोशिप से छात्रों की शोध क्षमता, नीति विश्लेषण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की समझ मजबूत होगी। साथ ही, वे वैश्विक स्तर पर सीखे गए अनुभवों का उपयोग पूर्वोत्तर भारत और अन्य क्षेत्रों में शांति एवं सतत विकास से जुड़ी चुनौतियों के समाधान में कर सकेंगे।
नागालैंड यूनिवर्सिटी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि
विश्वविद्यालय ने इस उपलब्धि को अपने बढ़ते अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग का प्रतीक बताया है। संस्थान का मानना है कि इस तरह के वैश्विक कार्यक्रम छात्रों को विश्वस्तरीय शोध वातावरण से जोड़ते हैं और उन्हें भविष्य के लिए बेहतर नेतृत्व क्षमता प्रदान करते हैं।

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