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Dimapur दीमापुर। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि नागालैंड में पहली बार 21वां सीपीए (कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन) जोन सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है, जो राज्य की संसदीय परंपरा के लिए ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य राज्य विधानसभाओं की कार्यकुशलता बढ़ाने और जनता से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी नीति निर्माण के तरीकों पर चर्चा करना है।
ओम बिड़ला ने अपने संबोधन में कहा, “सीपीए जोन सम्मेलन लोकतंत्र को मजबूत करने का एक मंच है, जहां विभिन्न राज्यों के विधायक, विशेषज्ञ और प्रतिनिधि एक साथ बैठकर सामाजिक चुनौतियों, जन अपेक्षाओं और शासन की पारदर्शिता पर विचार-विमर्श करते हैं।”
उन्होंने कहा कि नागालैंड जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में ऐसी पहलें स्थानीय लोकतांत्रिक संस्थाओं को और सशक्त बनाएंगी। “यह सम्मेलन न केवल विधानसभाओं के संचालन को अधिक प्रभावी बनाने पर केंद्रित है, बल्कि समुदाय की भागीदारी और नीति निर्माण में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में भी एक अहम कदम है,” बिड़ला ने जोड़ा।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती तभी संभव है जब निर्वाचित प्रतिनिधि जनता की भावनाओं और जरूरतों को समझते हुए निर्णय लें। सम्मेलन के दौरान कानून निर्माण, संसदीय जवाबदेही और तकनीकी नवाचार जैसे विषयों पर भी सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने नागालैंड विधानसभा और राज्य सरकार की इस पहल की सराहना की और कहा कि इससे पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में लोकतांत्रिक संस्थाओं को नई दिशा मिलेगी।
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