
Nagaland नागालैंड: नागालैंड में आय वितरण को लेकर हाल ही में जारी एक सरकारी रिपोर्ट ने राज्य में गहरी आर्थिक असमानता को सामने रखा है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के सबसे निचले 50 प्रतिशत परिवारों को कुल आय का केवल 18 प्रतिशत हिस्सा मिलता है, जबकि सबसे ऊपर के 5 प्रतिशत परिवारों के पास लगभग 21 प्रतिशत आय केंद्रित है।
यह निष्कर्ष 7 मई को सेंटियांगर इमचेन की “नागालैंड में आय में असमानता” विषय पर प्रकाशित रिपोर्ट में सामने आए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि आय का वितरण अत्यंत असंतुलित है, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आर्थिक अंतर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
आंकड़ों के मुताबिक, शीर्ष 5 प्रतिशत आय वर्ग के परिवारों की औसत मासिक आय 71,028 रुपये है। इसके विपरीत, निचले 50 प्रतिशत परिवारों की औसत मासिक आय केवल 1,639 रुपये है। यह अंतर राज्य में आर्थिक असमानता की गंभीर स्थिति को दर्शाता है।
रिपोर्ट में नागालैंड का गिनी कोएफिशिएंट 0.46 बताया गया है, जो आय असमानता का मानक माप है। इस सूचकांक में 0 का अर्थ पूर्ण समानता और 1 का अर्थ अत्यधिक असमानता होता है। 0.46 का आंकड़ा दर्शाता है कि राज्य में आय वितरण संतुलित नहीं है और असमानता मध्यम से उच्च स्तर पर है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की असमानता का असर न केवल आर्थिक विकास पर पड़ता है, बल्कि सामाजिक ढांचे पर भी इसका प्रभाव देखने को मिलता है। रोजगार, शिक्षा और अवसरों के असमान वितरण को इस स्थिति का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।
रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि यदि नीतिगत स्तर पर आय वितरण को संतुलित करने के प्रयास नहीं किए गए, तो आने वाले वर्षों में यह अंतर और बढ़ सकता है।
सरकारी और नीतिगत स्तर पर इस रिपोर्ट को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे राज्य में आर्थिक सुधार और समान विकास की दिशा में कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया गया है।





