नागालैंड

Nagaland : दिव्यांगों के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर जोर, गांव-स्तर पर कैंप लगाने का सुझाव

Kavita2
5 May 2026 9:27 AM IST
Nagaland : दिव्यांगों के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर जोर, गांव-स्तर पर कैंप लगाने का सुझाव
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Nagaland नागालैंड: नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव ने राज्य में वेलफेयर योजनाओं की पहुंच को अधिक प्रभावी और आसान बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना जरूरी है, खासकर दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सुविधाओं को सरल और सुलभ बनाया जाना चाहिए।

राज्यपाल ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के साथ मिलकर दिव्यांगता प्रमाण पत्र (Disability Certificate) जारी करने के लिए ब्लॉक और गांव स्तर पर विशेष कैंप आयोजित करने का सुझाव दिया है। उनका मानना है कि इससे दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांग लोगों को प्रमाण पत्र बनवाने में आने वाली कठिनाइयों में कमी आएगी।

इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिव्यांग व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं, लाभों और अधिकारों तक आसानी से पहुंच मिल सके। वर्तमान में कई लोगों को दस्तावेजी प्रक्रिया और भौगोलिक दूरी के कारण योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पाता, जिसे देखते हुए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह सुझाव लोक भवन में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान सामने आया, जिसमें सोशल वेलफेयर विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में विभाग की विभिन्न योजनाओं और उनके क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान सोशल वेलफेयर विभाग की निदेशक तोशेली झिमोमी ने राज्य में चल रही विशेष योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा दिव्यांगजनों और वंचित वर्गों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन उन्हें जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए और प्रयासों की जरूरत है।

राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाकर ही योजनाओं का वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे आपसी समन्वय के साथ काम करें और कैंप आधारित प्रणाली को प्राथमिकता दें ताकि ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में रहने वाले लोगों को सीधा लाभ मिल सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ब्लॉक और गांव स्तर पर इस तरह के कैंप नियमित रूप से लगाए जाते हैं, तो इससे न केवल प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और पहुंच भी बढ़ेगी।

सरकार का यह प्रयास सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में वेलफेयर सिस्टम को और अधिक सशक्त बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।a

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