
Nagaland नागालैंड: नागालैंड में आदिवासी समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक नई सांस्कृतिक पहल की शुरुआत की गई है। इसी क्रम में 7 मई को कोहिमा में नागालैंड इंडिजिनस ट्राइब्स कल्चरल रिसोर्स सेंटर का उद्घाटन किया गया। यह केंद्र राज्य की विविध जनजातीय परंपराओं को संरक्षित करने, उनका दस्तावेजीकरण करने और उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।
इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए के कोंगम कोन्याक ने कहा कि यह केंद्र एक दूरदर्शी पहल का प्रतीक है, जिसका लक्ष्य केवल परंपराओं को सुरक्षित रखना नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच तैयार करना भी है जहाँ सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि यह केंद्र आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नागालैंड की सांस्कृतिक पहचान उसकी जनजातीय विविधता में निहित है। राज्य की 16 आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त जनजातियाँ अपनी अलग-अलग परंपराओं, रीति-रिवाजों और जीवनशैली के साथ इस सांस्कृतिक धरोहर को समृद्ध बनाती हैं।
नए केंद्र में इन सभी जनजातियों की विरासत को विशेष प्रदर्शनी स्थलों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है, जिससे आगंतुकों को नागालैंड की सांस्कृतिक विविधता को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। यह पहल न केवल स्थानीय लोगों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा देने में मदद करेगी।
अधिकारियों के अनुसार, यह केंद्र अनुसंधान, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी एक महत्वपूर्ण स्थल बनेगा। यहां पारंपरिक कला, नृत्य, संगीत और हस्तशिल्प से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
नागालैंड सरकार और स्थानीय समुदायों की इस संयुक्त पहल को राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





