
Nagaland नागालैंड: नागालैंड में कई सरकारी विभागों में कथित गैर-कानूनी और अनियमित नियुक्तियों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। संगठन ने आरोप लगाया है कि राज्य में कुछ भर्तियां निर्धारित प्रक्रिया और नियमों को दरकिनार कर की गई हैं, जिससे भर्ती प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मीडिया से बातचीत करते हुए NSF के अध्यक्ष Metisuding Herang ने कहा कि फेडरेशन का उद्देश्य उन तथाकथित “बैकडोर अपॉइंटमेंट्स” को उजागर करना है, जिनके चलते मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की नियुक्तियां न केवल पारदर्शिता को कमजोर करती हैं, बल्कि भर्ती प्रणाली में निष्पक्षता और समान अवसर की भावना को भी नुकसान पहुंचाती हैं।
NSF अध्यक्ष ने यह भी कहा कि संगठन लंबे समय से छात्रों और बेरोजगार युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए ऐसे मामलों का विरोध करता रहा है। उनके अनुसार, सरकारी नौकरियों में योग्यता आधारित चयन प्रणाली ही युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और भरोसेमंद बना सकती है।
फेडरेशन का कहना है कि यदि नियुक्तियों में पारदर्शिता और नियमों का पालन नहीं किया गया, तो इससे योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय होता है और राज्य में बेरोजगारी की समस्या और गंभीर हो सकती है। NSF ने इस मुद्दे पर सरकार से तत्काल जांच की मांग भी उठाई है।संगठन ने यह भी संकेत
दिया कि अगर इन कथित अनियमितताओं पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आगे आंदोलन या अन्य लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी चिंता व्यक्त कर सकते हैं। उनका कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है और विभिन्न छात्र संगठनों में भी इसे लेकर चिंता देखी जा रही है। कई लोगों का मानना है कि सरकारी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है ताकि युवाओं का भरोसा प्रणाली पर बना रहे।
कुल मिलाकर, नागा स्टूडेंट्स फेडरेशन द्वारा उठाया गया यह मुद्दा राज्य की भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर एक बार फिर बहस को जन्म दे रहा है। अब सभी की नजर सरकार की प्रतिक्रिया और संभावित जांच प्रक्रिया पर टिकी हुई है।





