Naga Students फेडरेशन ने असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियमित नियुक्ति को बताया पक्षपातपूर्ण

Nagaland नागालैंड: नागा स्टूडेंट्स फेडरेशन (NSF) ने नागालैंड कैबिनेट द्वारा 11 सितंबर 2024 को लिए गए उस फैसले की कड़ी आलोचना की है, जिसमें उच्च शिक्षा विभाग के तहत कार्यरत 151 फिक्स्ड वेतन वाले असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियमित नियुक्ति को मंजूरी दी गई थी। NSF ने इस निर्णय को अनुचित, पक्षपातपूर्ण और मेरिट के सिद्धांतों के विरुद्ध बताया है।
फेडरेशन ने कहा कि वह पहले से ही ऐसे गैर-मेधावी और "बैकडोर" नियुक्तियों का विरोध करता रहा है और इस विषय पर कई ज्ञापन व सार्वजनिक बयान विभाग को दिए गए थे। इसके बावजूद कैबिनेट ने यह मंजूरी दी, जिसे NSF ने पारदर्शिता और निष्पक्षता जैसे सार्वजनिक सेवा सिद्धांतों का सीधा उल्लंघन कहा है।
NSF के अनुसार, यह फैसला उन हजारों योग्य नागा युवाओं के अधिकारों की अनदेखी करता है जो प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। संगठन ने 8 अप्रैल 2025 को विभाग से बैठक में भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया गया।
फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि यह विरोध तत्कालिक नहीं बल्कि वर्षों से चल रही एक नीति के खिलाफ है, जिसे वह “बैकडोर रेग्युलराइजेशन” के रूप में देखता है। NSF ने कहा कि ऐसे फैसले योग्य अभ्यर्थियों का मनोबल गिराते हैं और संस्थागत प्रक्रियाओं में जनता का विश्वास कमजोर करते हैं।





