नागालैंड

Nagaland में हर घर को कचरा अलग करने का निर्देश

Kavita2
3 Jun 2026 5:13 PM IST
Nagaland में हर घर को कचरा अलग करने का निर्देश
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Nagaland नागालैंड: नागालैंड सरकार ने राज्य के सभी गांवों और घरों को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2026 के अनुसार सोर्स-लेवल पर कचरे को अलग-अलग रखने का निर्देश जारी किया है। यह आदेश राज्य के होम डिपार्टमेंट द्वारा मंगलवार को नोटिफिकेशन के रूप में जारी किया गया, जो केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा नोटिफाई किया गया था। नए नियम 1 अप्रैल, 2026 से लागू हो चुके हैं।

नोटिफिकेशन के तहत प्रत्येक घर को अपने कचरे को सोर्स पर ही चार अलग-अलग श्रेणियों में अलग करके स्टोर करना होगा। इसमें गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनिटरी कचरा और अन्य विशेष कचरा शामिल हैं। गीला कचरा मुख्य रूप से किचन से उत्पन्न होता है, जैसे खाने का बचा हुआ सामान, सब्जियों के छिलके, फूल, और अन्य बायोडिग्रेडेबल सामग्री। इसे घर पर ही हरे रंग के बिन में संग्रहित करना अनिवार्य होगा।

सूखा कचरा, जिसमें प्लास्टिक, कांच, मेटल, रबर और अन्य नॉन-बायोडिग्रेडेबल सामग्री शामिल है, नीले रंग के बिन में डालना होगा। यह सुनिश्चित करेगा कि कचरा रिसाइकलिंग योग्य और नॉन-बायोडिग्रेडेबल हिस्सों में स्पष्ट रूप से अलग रहे।

सैनिटरी वेस्ट में इस्तेमाल किए गए डायपर, सैनिटरी नैपकिन, टैम्पोन, कंडोम और इनकॉन्टिनेंस शीट जैसी वस्तुएं शामिल हैं। इन्हें मैन्युफैक्चरर द्वारा दिए गए पाउच या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा सुझाए गए किसी अन्य सुरक्षित रैपिंग मटीरियल में लपेटकर अलग सैनिटरी वेस्ट बिन में फेंकना अनिवार्य होगा। इस कदम का उद्देश्य न केवल स्वास्थ्य और स्वच्छता को बढ़ावा देना है, बल्कि पर्यावरण पर कचरे के दुष्प्रभाव को भी कम करना है।

सरकारी अधिकारियों ने कहा कि यह नियम नागालैंड में कचरा प्रबंधन के मानकों को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सोर्स-लेवल पर कचरा अलग करने से न केवल रिसाइक्लिंग की प्रक्रिया सुगम होगी, बल्कि कचरा संग्रहण और निपटान की लागत में भी कमी आएगी।

राज्य सरकार ने स्थानीय पंचायतों और ग्राम समुदायों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्रों में इन नियमों को पूरी तरह से लागू करें। ग्रामीण और शहरी इलाकों में नियमित जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को गीला, सूखा और सैनिटरी कचरा अलग करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी।

इसके अलावा, अधिकारियों ने चेताया कि नियमों का पालन न करने वाले घरों और समुदायों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। यह नीति केवल स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के लिए ही नहीं, बल्कि राज्य में स्थायी कचरा प्रबंधन प्रणाली बनाने के उद्देश्य से लागू की गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सोर्स-लेवल पर कचरा अलग करना कचरा प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे न केवल स्थानीय स्तर पर सफाई और स्वच्छता में सुधार होगा, बल्कि राज्य की पर्यावरणीय स्थिति भी बेहतर होगी।

नागालैंड सरकार की यह पहल साफ-सुथरा और हरित राज्य बनाने की दिशा में एक ठोस प्रयास के रूप में देखी जा रही है

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