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नागालैंड को तंबाकू मुक्त बनाने की कवायद, 60 दिन चलेगी मुहिम

nidhi
29 Oct 2026 12:44 PM IST
नागालैंड को तंबाकू मुक्त बनाने की कवायद, 60 दिन चलेगी मुहिम
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दीमापुर: नागालैंड ने बुधवार को 'तंबाकू-मुक्त युवा अभियान' (TFYC 4.0) के चौथे संस्करण की शुरुआत की। 60 दिनों तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य पूरे राज्य में युवाओं के बीच तंबाकू के इस्तेमाल को रोकना है।
'राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम' (NTCP) के अंतर्गत 'राज्य तंबाकू नियंत्रण सेल' (STCC) ने कोहिमा स्थित 'नागालैंड इंस्टीट्यूट ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर' में इस अभियान को लॉन्च किया। इसके बाद पूरे नागालैंड में जिला स्तर पर लॉन्च कार्यक्रम और अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निदेशक डॉ. इमोतेम्सु इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे इन 60 दिनों का उपयोग तंबाकू नियंत्रण गतिविधियों को तेज करने और जिलों के बीच आपसी तालमेल को बेहतर बनाने के लिए करें।
उन्होंने अभियान के लक्ष्यों की दिशा में हो रही प्रगति की निगरानी करने पर भी जोर दिया। साथ ही, उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पहल मौजूदा प्रयासों को और मजबूत करेगी और अभियान की अवधि खत्म होने के बाद भी तंबाकू नियंत्रण की गतिविधियों को जारी रखने में मदद करेगी।
NTCP के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. आई. साइमन सुमी ने मुख्य भाषण दिया। उन्होंने TFYC 4.0 की छह प्रमुख रणनीतियों के बारे में बताया और तंबाकू के इस्तेमाल से होने वाले नुकसानों पर प्रकाश डाला, खासकर युवाओं के संदर्भ में।
तंबाकू नियंत्रण को मजबूत करने के लिए छह रणनीतियां
यह अभियान छह क्षेत्रों पर केंद्रित है: जन जागरूकता, तंबाकू-मुक्त शिक्षण संस्थान, तंबाकू-मुक्त गांव, तंबाकू नियंत्रण कानूनों का सख्ती से पालन, सोशल मीडिया पर सक्रियता, और विश्वविद्यालयों व कॉलेजों की भागीदारी।
कानूनी रूप से लागू किए जाने वाले नियमों में 'सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA), 2003' और 'इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम (PECA), 2019' शामिल हैं।
इन उपायों के जरिए, अभियान का लक्ष्य जागरूकता बढ़ाना और समुदायों तथा संस्थानों को तंबाकू रोकथाम के प्रयासों में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
अभियान ने जिलों के लिए लक्ष्य तय किए हैं
प्रत्येक जिले को इस अभियान के दौरान कम से कम 30 'सूचना, शिक्षा और संचार' (IEC) गतिविधियां आयोजित करनी होंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को तंबाकू के इस्तेमाल से जुड़े खतरों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
इस पहल का लक्ष्य संस्थानों में नियमों का पालन सुनिश्चित करना और तंबाकू-मुक्त गांवों की संख्या में 50% की वृद्धि करना है। इसके अलावा, इसका उद्देश्य तंबाकू नियंत्रण से जुड़ी प्रवर्तन गतिविधियों को 20% तक बढ़ाना और नागालैंड के 30% विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को इस अभियान से जोड़ना है। इस अभियान में सरकारी विभाग, शिक्षण संस्थान, समुदाय और अन्य हितधारक शामिल होंगे। उम्मीद है कि इनकी भागीदारी से तंबाकू-नियंत्रण कानूनों का पालन बेहतर होगा और युवाओं के बीच तंबाकू के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने में मदद मिलेगी।
जन जागरूकता, कानून के सख्ती से पालन और सामुदायिक भागीदारी को मिलाकर, TFYC 4.0 का उद्देश्य स्वस्थ आदतों को बढ़ावा देना और नागालैंड में एक ऐसी पीढ़ी तैयार करने में सहयोग करना है जो तंबाकू से मुक्त हो।
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