नागालैंड

नागालैंड में नौकरी आरक्षण नीति पर पुनर्विचार की मांग

Riyaz Ansari
27 April 2025 10:47 PM IST
नागालैंड में नौकरी आरक्षण नीति पर पुनर्विचार की मांग
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Nagaland नागालैंड: नागालैंड की पांच प्रमुख जनजातियों,अंगामी, आओ, लोथा, रेंगमा और सूमी ने राज्य सरकार को 30 दिन का अल्टीमेटम देते हुए नागालैंड नौकरी आरक्षण नीति की समीक्षा और सुधार की मांग की है। इन जनजातियों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री नेफियू रियो को पत्र लिखकर सरकार की निष्क्रियता पर नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि 20 सितंबर 2024 को ज्ञापन सौंपने के बावजूद छह महीने में कोई कार्रवाई या संवाद नहीं हुआ।

प्रतिनिधियों ने कहा कि 47 वर्षों से लागू आरक्षण नीति से पिछड़ी जनजातियों को अत्यधिक लाभ मिला है, जबकि अपेक्षाकृत उन्नत जनजातियां प्रभावित हुई हैं। उन्होंने याद दिलाया कि नीति की हर दस साल में समीक्षा होनी थी, लेकिन 1989 के एक नोटिफिकेशन के बाद इसे अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया गया।

ज्ञापन में सरकार पर विभिन्न समितियों की सिफारिशों की अनदेखी का भी आरोप लगाया गया, जिनमें आंतरिक आरक्षण, क्रीमी लेयर वर्गीकरण और बैकलॉग पदों जैसी समस्याएं शामिल हैं। प्रतिनिधियों ने चेताया कि बिना समीक्षा के जारी आरक्षण से आर्थिक असमानता और सामाजिक अशांति बढ़ सकती है।

पांचों जनजातियों ने या तो वर्तमान आरक्षण नीति को समाप्त करने या बचे हुए अनारक्षित कोटे को केवल अपने समुदाय के लिए सुरक्षित करने की मांग रखी है। विफलता की स्थिति में आगे आंदोलन की चेतावनी दी गई है

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