नागालैंड

दीमापुर में शराबबंदी पर विवाद: नागा काउंसिल ने फिर उठाई मांग

Tara Tandi
7 Oct 2026 7:34 PM IST
दीमापुर में शराबबंदी पर विवाद: नागा काउंसिल ने फिर उठाई मांग
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दीमापुर: नागा काउंसिल दीमापुर (NCD) और उसके NLTP एक्ट 1989 को रद्द करने वाली कमेटी ने दीमापुर में नागालैंड शराब पूर्ण प्रतिबंध (NLTP) एक्ट को हटाने की अपनी मांग को फिर से दोहराया है। उन्होंने मंगलवार को डिप्टी कमिश्नर को एक नया ज्ञापन सौंपा।
मुख्यमंत्री और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को संबोधित यह ज्ञापन DC के माध्यम से सौंपा गया। ऐसा तब किया गया जब सिविल सोसाइटी संगठनों (CSOs) ने कहा कि राज्य सरकार को बार-बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ज्ञापन सौंपने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए, NCD के अध्यक्ष GK रेंगमा ने कहा कि 1989 में लागू हुए NLTP एक्ट को 37 साल हो चुके हैं, लेकिन प्रतिबंध के बावजूद दीमापुर में शराब आसानी से उपलब्ध है।
उन्होंने याद दिलाया कि NCD की देखरेख में दीमापुर CSOs ने 20 नवंबर, 2023 को राज्य सरकार और गवर्नर को एक ज्ञापन सौंपा था, जिसे सौंपने की जिम्मेदारी दीमापुर यूनाइटेड कॉलोनी काउंसिल फेडरेशन (DUCCF) को दी गई थी। उन्होंने कहा कि बाद में अगस्त 2024 में राज्य विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा हुई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
रेंगमा ने कहा कि यह नया ज्ञापन जनवरी से विभिन्न CSOs के साथ बातचीत के बाद तैयार किया गया है, जिसके बाद उन्होंने विशेष रूप से दीमापुर में इस एक्ट को हटाने की मांग करने का फैसला किया।
NCD की विजिलेंस कमेटी के सर्वे के अनुसार, दीमापुर और उसके आसपास 2,000 से अधिक शराब की दुकानें/अड्डे पाए गए। इनमें चुमौकेदिमा गेट 2, न्यू फील्ड गेट और मंजा गेट से लेकर पुराना बाजार, धनसिरी नदी, सुपर मार्केट, नगरजन, बर्मा कैंप, न्यू मार्केट और इंडस्ट्रियल एस्टेट तक के इलाके शामिल हैं। सर्वे में कहा गया है कि इस संख्या में रेस्तरां शामिल नहीं हैं।
CSO प्रतिनिधियों ने दावा किया कि रिहायशी इलाकों सहित हर जगह चौबीसों घंटे अवैध रूप से शराब बेची जा रही है और तर्क दिया कि प्रतिबंध इसकी उपलब्धता को रोकने में विफल रहा है। उन्होंने नकली शराब पीने से हुई कथित मौतों का भी हवाला दिया और कहा कि नियमन से अच्छी गुणवत्ता वाली शराब मिल सकती है और सरकार इसकी बिक्री पर बेहतर नियंत्रण रख सकती है।
अपने प्रस्ताव के हिस्से के रूप में, CSOs ने दीमापुर में विनियमित शराब बिक्री का एक साल का ट्रायल करने का सुझाव दिया। प्रस्तावित ढांचे के तहत, दुकानें सुबह 11 बजे से शाम 7:30 बजे तक खुलेंगी, साथ ही कुछ खास दिनों पर शराब की बिक्री बंद रहेगी और अन्य पाबंदियां भी लागू होंगी। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि 23 साल से कम उम्र के किसी भी व्यक्ति को शराब न बेची जाए और 23 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों को बिक्री के समय आधार-आधारित वेरिफिकेशन के बाद अधिकतम दो बोतलें खरीदने की अनुमति दी जाए।
NCD के जनरल सेक्रेटरी LK पीटर एनल ने बताया कि इस ज्ञापन में जनगणना के आंकड़े और प्रस्तावित रेगुलेटरी रोडमैप शामिल थे। इसे मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, आदिवासी मामलों के सलाहकार और MLA, कमिश्नर और गृह सचिव, आबकारी कमिश्नर और अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजा गया है।
CSO ने कहा कि उन्होंने दीमापुर पास्टोरल फेलोशिप और चर्च के अन्य नेताओं के साथ भी बातचीत की है। उनका कहना था कि जहां शराबबंदी को लेकर चर्च की जिम्मेदारियां हैं, वहीं सरकार की भी जिम्मेदारी है कि वह स्थिति को रेगुलेट करे।
दीमापुर के DC डॉ. टिनोजोंगशी चांग ने ज्ञापन मिलने की पुष्टि की और कहा कि इसे संबंधित उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि कोई भी फैसला सरकारी नीति को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।
NCD ने कहा कि उसने जवाब के लिए कोई समय-सीमा तय नहीं की है। हालांकि, काउंसिल ने कहा कि अगर इस नए ज्ञापन पर कोई जवाब नहीं मिलता या इसे लागू नहीं किया जाता है, तो CSO बैठक करेंगे और आगे की कार्रवाई तय करेंगे।
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