नागालैंड

कोहिमा में BJP का विपक्ष पर आरोप, महिला आरक्षण और डिलिमिटेशन पर भ्रम फैलाने की बात कही

Harrison
22 April 2026 9:22 PM IST
कोहिमा में BJP का विपक्ष पर आरोप, महिला आरक्षण और डिलिमिटेशन पर भ्रम फैलाने की बात कही
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Nagaland नागालैंड: Bharatiya Janata Party की कोहिमा यूनिट ने विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण और डिलिमिटेशन जैसे मुद्दों पर “गुमराह करने वाली बातें” करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा कि इस तरह की स्थिति से नीतिगत प्रगति में बाधा आ रही है और महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व में देरी हो रही है।
यह बयान 22 अप्रैल को कोहिमा स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया गया। इस मौके पर पार्टी के स्टेट एग्जीक्यूटिव मेंबर Vinizo Tsurho ने कहा कि पार्टी का उद्देश्य महिला आरक्षण फ्रेमवर्क और उससे जुड़े संवैधानिक प्रक्रियाओं को लेकर जनता में फैल रहे भ्रम को दूर करना है।
विनिज़ो त्सुरहो ने कहा कि महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दे को लेकर कुछ राजनीतिक दल गलत जानकारी फैला रहे हैं, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका सीधा संबंध महिलाओं के प्रतिनिधित्व से जुड़ा है।
पार्टी का कहना है कि महिला आरक्षण को लागू करने की प्रक्रिया में हो रही देरी के कारण महिलाओं को राजनीतिक क्षेत्र में पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। BJP ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक बाधा के रूप में बताया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा गया कि डिलिमिटेशन यानी निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन को लेकर भी गलतफहमियां फैलाई जा रही हैं। पार्टी के अनुसार, यह प्रक्रिया संविधान के तहत होती है और इसका उद्देश्य प्रतिनिधित्व को अधिक संतुलित बनाना है।
BJP कोहिमा यूनिट ने कहा कि विपक्षी दलों के बयानों से जनता में असमंजस की स्थिति बन रही है, जिसे दूर करना जरूरी है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर पारदर्शिता और सही जानकारी के पक्ष में है।
विश्लेषकों का मानना है कि महिला आरक्षण और डिलिमिटेशन जैसे मुद्दे लंबे समय से राजनीतिक बहस का हिस्सा रहे हैं। इन पर अलग-अलग दलों की अलग-अलग राय होने के कारण अक्सर सार्वजनिक स्तर पर भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है।
BJP नेताओं का कहना है कि यदि इन प्रक्रियाओं को सही ढंग से समझाया जाए और राजनीतिक सहमति बनाई जाए, तो महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व में तेजी लाई जा सकती है।
फिलहाल, इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर महिला आरक्षण और डिलिमिटेशन का मुद्दा चर्चा में आ गया है। आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
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