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मणिपुर से असम जा रही थी नशीली खेप
कोहिमा: नागालैंड की कोहिमा पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 20,000 संदिग्ध याबा टैबलेट जब्त किए हैं। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जब्त टैबलेट की अनुमानित कीमत करीब 1.60 करोड़ रुपये बताई गई है।
यह कार्रवाई 5 अक्टूबर 2026 को किडिमा प्रेयर पार्क जंक्शन पर नियमित वाहन जांच के दौरान की गई। पुलिस ने असम नंबर की एक हुंडई वेन्यू कार को रोका। जांच के दौरान वाहन के फर्श के एक हिस्से में हाल ही में वेल्डिंग और नया पेंट होने के निशान दिखाई दिए, जिससे पुलिस को शक हुआ।
पुलिस ने वाहन की गहन तलाशी ली तो फर्श के अंदर बने हिस्सों में काले पॉलीथिन में लिपटे पैकेट छिपाकर रखे मिले। तलाशी में कुल 10 मध्यम आकार के पैकेट बरामद हुए, जिनमें करीब 20 हजार संदिग्ध याबा टैबलेट पाए गए। पुलिस के मुताबिक प्रति टैबलेट न्यूनतम 800 रुपये के हिसाब से जब्त खेप की कीमत लगभग 1.60 करोड़ रुपये आंकी गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 36 वर्षीय नजरुल इस्लाम और 40 वर्षीय देबेन कुमार दास के रूप में हुई है। दोनों असम के सिलचर जिले के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस ने दोनों को मौके से हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि नशीले पदार्थों की यह खेप मणिपुर के चुराचांदपुर से असम के सिलचर ले जाई जा रही थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि खेप किसने उपलब्ध कराई थी और इसे आगे किस व्यक्ति या नेटवर्क तक पहुंचाया जाना था।
मामले में केजोचा पुलिस स्टेशन में NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की पीछे और आगे की कड़ियों की जांच कर रही है, ताकि अंतरराज्यीय तस्करी में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
याबा आमतौर पर मेथामफेटामाइन आधारित नशीली गोली के लिए इस्तेमाल होने वाला नाम है। पुलिस ने बरामद टैबलेट को फिलहाल संदिग्ध याबा बताया है और मामले की जांच जारी है। इस बरामदगी को पूर्वोत्तर क्षेत्र में नशीले पदार्थों की अवैध आवाजाही पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
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