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‘Sensiari II’ क्यों है खास? मिजोरम की HIV लड़ाई में फिर जुड़ा सिनेमा

nidhi
7 Oct 2026 3:01 PM IST
‘Sensiari II’ क्यों है खास? मिजोरम की HIV लड़ाई में फिर जुड़ा सिनेमा
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पहली फिल्म ने बदली थी सोच, अब नई पीढ़ी के लिए बनेगी ‘Sensiari II’

आइजोल: मिजोरम HIV/AIDS जागरूकता के लिए 25 साल बाद फिर सिनेमा की ताकत का सहारा लेने जा रहा है। वर्ष 2001 में बनी चर्चित मिजो फिल्म ‘Sensiari’ ने HIV/AIDS को लेकर राज्य में व्यापक चर्चा पैदा की थी। अब उसी नाम से ‘Sensiari II’ तैयार की जा रही है, जिसका मकसद बदलते सामाजिक हालात के बीच नई पीढ़ी तक HIV रोकथाम और जागरूकता का संदेश पहुंचाना है।

मिजोरम राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी यानी MSACS इस फिल्म को वित्तीय सहयोग दे रही है। ‘Sensiari II’ का बजट करीब 17 लाख रुपये बताया गया है और इसकी शूटिंग जारी है। फिल्म को दिसंबर 2026 के पहले सप्ताह के आसपास रिलीज करने की योजना है। इसका निर्देशन Raymond Colney कर रहे हैं, जो सामाजिक विषयों पर काम करने वाले मिजो फिल्मकार के रूप में पहचान बना चुके हैं। इस फिल्म का नाम पुरानी ‘Sensiari’ से जुड़ा जरूर है, लेकिन यह उसकी कहानी की सीधी अगली कड़ी नहीं होगी। निर्देशक के मुताबिक नई फिल्म एक अलग अनुभव होगी और सच्ची घटनाओं से प्रेरित होगी। फिल्म की टैगलाइन “The weight of what we believe in” रखी गई है।
मिजोरम में HIV की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। MSACS के ताजा आंकड़ों के मुताबिक राज्य में अक्टूबर 1990 में पहला मामला दर्ज होने के बाद अब तक 35,086 HIV पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 29,359 लोग एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी के लिए पंजीकृत हैं, जबकि 26,507 लोगों ने इलाज शुरू किया है। HIV/AIDS के साथ जी रहे 6,471 लोगों की मौत भी दर्ज की गई है।
राज्य की वयस्क HIV प्रचलन दर 2.75 प्रतिशत बताई गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत लगभग 0.20 प्रतिशत है। 2024 के लिए अनुमानित HIV संक्रमण दर भी मिजोरम में 0.90 प्रति 1,000 असंक्रमित आबादी रही, जो राष्ट्रीय अनुमान 0.05 से काफी अधिक थी।
हालांकि एक सकारात्मक संकेत भी सामने आया है। सामान्य जांच कराने वालों में HIV पॉजिटिव पाए जाने वाले लोगों की संख्या 2018-19 में 2,557 थी, जो 2025-26 में घटकर 1,628 रह गई। इसी अवधि में पॉजिटिविटी रेट 5.28 प्रतिशत से घटकर 2.22 प्रतिशत हो गया।
‘Sensiari II’ की जरूरत इसलिए भी महसूस की गई क्योंकि संक्रमण के पैटर्न में बड़ा बदलाव आया है। MSACS की प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. Jane Rinsangi Ralte के अनुसार 2001 के आसपास HIV प्रसार में इंजेक्शन के जरिए नशीले पदार्थ लेने वाले लोगों की भूमिका प्रमुख थी। आज यौन संपर्क संक्रमण का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है। इसलिए जागरूकता का संदेश भी नई पीढ़ी की वास्तविकताओं के हिसाब से बदलना जरूरी है।
MSACS की आधिकारिक IEC रणनीति भी युवाओं और महिलाओं में सुरक्षित यौन व्यवहार की जानकारी बढ़ाने, जोखिम वाले समूहों में व्यवहार परिवर्तन बनाए रखने, इलाज और सहायता सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने तथा HIV से जुड़े कलंक को कम करने पर जोर देती है।
पहली ‘Sensiari’ 2001 में Sangzela Tlau ने बनाई थी। उस समय फिल्म को Canadian Lutheran World Relief ने फंड किया था। फिल्म की कहानी HIV/AIDS जागरूकता पर केंद्रित थी और इसे राज्य में काफी सराहना मिली। यह मिजोरम की शुरुआती ऐसी फिल्मों में थी, जिसमें मनोरंजन को सामाजिक संदेश के साथ जोड़ा गया।
पहली फिल्म को तकनीकी रूप से भी खास माना गया क्योंकि इसे राज्य की पहली DV कैमरे पर शूट की गई फिल्मों में गिना गया। निर्देशक Sangzela Tlau ने बताया कि HIV/AIDS जागरूकता का विषय उनके लिए व्यक्तिगत रूप से महत्वपूर्ण था और उन्होंने फिल्म को एक उद्देश्यपूर्ण प्रोजेक्ट के रूप में बनाया था।
अब 25 साल बाद MSACS फिर उसी मॉडल को नई शैली में आजमा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि सिर्फ पोस्टर, जागरूकता कार्यक्रम और सोशल मीडिया कैंपेन ही पर्याप्त नहीं हैं। कहानी और किरदारों के जरिए दिया गया संदेश लंबे समय तक लोगों के मन में रह सकता है।
यही वजह है कि ‘Sensiari II’ को शिक्षा, मनोरंजन और सार्वजनिक स्वास्थ्य संदेश का मिश्रण बनाया जा रहा है। इसका लक्ष्य खासतौर पर युवाओं तक यह बात पहुंचाना है कि HIV से बचाव, सुरक्षित व्यवहार, जांच और समय पर इलाज कितना जरूरी है।
मिजोरम में HIV के खिलाफ लड़ाई अब केवल चिकित्सा व्यवस्था का मुद्दा नहीं रह गई है। यह सामाजिक व्यवहार, जागरूकता, कलंक और संवाद से भी जुड़ी चुनौती है। ‘Sensiari II’ इसी चुनौती का जवाब सिनेमा के जरिए देने की कोशिश है।
अगर पहली फिल्म की तरह इसका संदेश भी व्यापक दर्शकों तक पहुंचता है, तो यह दिखा सकता है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियानों में स्थानीय भाषा और सिनेमा कितनी प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।
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