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मिजोरम में सुपारी की खेती का बड़ा विस्तार, आंकड़े आए सामने

nidhi
11 Oct 2026 1:48 PM IST
मिजोरम में सुपारी की खेती का बड़ा विस्तार, आंकड़े आए सामने
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मिजोरम में सुपारी की खेती ने पकड़ी रफ्तार

आइजोल: मिजोरम में सुपारी की खेती का क्षेत्रफल 67,380 हेक्टेयर तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा राज्य में सुपारी की खेती के व्यापक विस्तार को दर्शाता है। पूर्वोत्तर भारत के इस पहाड़ी राज्य में सुपारी एक महत्वपूर्ण बागवानी फसल है, जिसकी खेती से बड़ी संख्या में किसान जुड़े हुए हैं।

67,380 हेक्टेयर में सुपारी की खेती
मिजोरम में सुपारी की खेती कुल 67,380 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई है। यह क्षेत्रफल राज्य में इस फसल की मौजूदगी और कृषि गतिविधियों में उसके महत्व को दर्शाता है। सुपारी एक बहुवर्षीय फसल है। इसके पेड़ों को तैयार होने और व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने में कई वर्ष लगते हैं। इसलिए सुपारी की खेती किसानों के लिए लंबे समय का कृषि निवेश होती है।
बागवानी क्षेत्र में सुपारी का महत्व
मिजोरम की पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितियों में विभिन्न प्रकार की बागवानी फसलें उगाई जाती हैं। सुपारी भी इनमें शामिल है। इसकी खेती के लिए उपयुक्त जलवायु, मिट्टी, नमी और पौधों की देखभाल महत्वपूर्ण होती है। सुपारी के बागानों में पौधों की नियमित देखरेख और रोगों से सुरक्षा पर ध्यान देना पड़ता है।
किसानों की आजीविका से जुड़ी फसल
सुपारी की खेती किसानों के लिए आय का एक स्रोत हो सकती है। इसके उत्पादन से खेती, कटाई, प्रसंस्करण और व्यापार जैसी गतिविधियां जुड़ी होती हैं। मिजोरम में सुपारी की खेती से जुड़े किसानों की कुल संख्या और इस फसल से होने वाली वार्षिक आय का विवरण उपलब्ध आंकड़े में नहीं दिया गया है।
उत्पादन और खेती का क्षेत्रफल अलग-अलग
67,380 हेक्टेयर का आंकड़ा सुपारी की खेती के क्षेत्रफल को दर्शाता है, न कि उसके कुल उत्पादन को। किसी फसल का उत्पादन उसके क्षेत्रफल के साथ-साथ पौधों की उम्र, मौसम, देखभाल और प्रति हेक्टेयर उपज पर निर्भर करता है। इसलिए केवल खेती के क्षेत्रफल के आधार पर कुल सुपारी उत्पादन या उत्पादकता का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।
विस्तृत आंकड़ों का इंतजार
उपलब्ध जानकारी में सुपारी की खेती के कुल क्षेत्रफल का उल्लेख किया गया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह आंकड़ा किस कृषि वर्ष का है और पिछले वर्षों की तुलना में क्षेत्रफल कितना बढ़ा या घटा है। जिलावार खेती, उत्पादन और उत्पादकता के विस्तृत आंकड़े सामने आने पर राज्य में सुपारी की खेती की स्थिति का अधिक स्पष्ट आकलन किया जा सकेगा। फिलहाल 67,380 हेक्टेयर का क्षेत्रफल मिजोरम में सुपारी की खेती के व्यापक स्तर को दर्शाता है।
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