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हेरोइन की सप्लाई घटी कीमतें बढ़ीं ड्रग तस्करी
Aizawl: मिजोरम में हेरोइन की सप्लाई कम होने से इसकी कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिला है। राज्य सरकार और नशा नियंत्रण से जुड़े संगठनों की समीक्षा बैठक में सामने आया कि बाजार में हेरोइन की उपलब्धता घटने के कारण इसकी कीमतें बढ़ी हैं, जिसे अधिकारियों ने नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियानों का सकारात्मक संकेत बताया।
मिजोरम के आबकारी एवं नारकोटिक्स मंत्री लालंघिंगलोवा हमर ने बताया कि विभिन्न विभागों और सेंट्रल यंग मिजो एसोसिएशन (YMA) की रिपोर्ट के अनुसार हेरोइन और नशीली दवाओं के रूप में इस्तेमाल होने वाले कोडीन आधारित कफ सिरप की कीमतों में हाल के दिनों में काफी वृद्धि हुई है।
सप्लाई घटने का दावा
अधिकारियों के अनुसार, हेरोइन की उपलब्धता में कमी आने से तस्करों के नेटवर्क पर असर पड़ा है। सरकार का मानना है कि नशीले पदार्थों की आपूर्ति रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान धीरे-धीरे प्रभाव दिखा रहे हैं।
मिजोरम में म्यांमार सीमा से जुड़े इलाकों के कारण लंबे समय से नशीले पदार्थों की तस्करी एक बड़ी चुनौती रही है। सुरक्षा एजेंसियां और राज्य का नारकोटिक्स विभाग लगातार कार्रवाई कर रहे हैं।
लगातार हो रही जब्ती कार्रवाई
मिजोरम पुलिस और नारकोटिक्स विभाग ने हाल के महीनों में कई जगहों पर हेरोइन की खेप पकड़ी है। चंफाई और आइजोल समेत कई जिलों में कार्रवाई कर बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि तस्करी के रास्तों पर निगरानी बढ़ाई गई है और स्थानीय संगठनों के सहयोग से नशे के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
कीमत बढ़ना पूरी जीत नहीं
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ कीमत बढ़ना नशे की समस्या खत्म होने का संकेत नहीं है। नशे की मांग कम करना, पुनर्वास और युवाओं में जागरूकता बढ़ाना भी उतना ही जरूरी है।
सरकार ने नशीली दवाओं के खिलाफ कानून और कार्रवाई को और मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठाने की बात कही है।
मिजोरम में नशा नियंत्रण पर जोर
राज्य सरकार ने नशे की समस्या से निपटने के लिए विभागों, सुरक्षा एजेंसियों और सामाजिक संगठनों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि तस्करी पर रोक लगाने के साथ-साथ नशे से प्रभावित लोगों के पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
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