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मिज़ोरम: राज्य सरकार हाइड्रोकार्बन की खोज को नई गति देने की कोशिश कर रही है। इसके लिए वह तेल और प्राकृतिक गैस की संभावनाओं को तलाशने के लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर उपकरण और ज़्यादा तकनीकी विशेषज्ञता की मांग कर रही है।
वाणिज्य, उद्योग, भू-विज्ञान और खनन (CIG&M) विभाग के सचिव एच. लियानज़ेला ने राज्य में तेल की खोज पर हुई एक समीक्षा बैठक के दौरान ये बातें कहीं। इस बैठक में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ हाइड्रोकार्बन्स, ONGC, ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) और इंद्रधनुष गैस ग्रिड लिमिटेड (IGGL) के अधिकारी शामिल हुए।
लियानज़ेला ने कहा कि पहले की खोज कोशिशों से उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिले थे, लेकिन अब केंद्र, तेल और गैस कंपनियों और राज्य सरकार के बीच बेहतर तालमेल से एक ज़्यादा उम्मीद जगाने वाला रोडमैप तैयार हो रहा है।
बैठक में ज़मीनी नतीजों और चल रही हाइड्रोकार्बन खोज की स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही, ONGC और OIL ने मिलकर 'ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी' (OALP) के तहत भविष्य की बोली के लिए संभावित इलाकों की पहचान करने की योजनाएँ पेश कीं।
IGGL के अधिकारियों ने बैठक में गैस इंफ्रास्ट्रक्चर और संभावित गैस संसाधनों से कमाई के मौकों के बारे में भी जानकारी दी।
होर्टोकी गैस खोज के पास नया खोज कुआँ
बैठक का मुख्य फोकस कोलासिब ज़िले में होर्टोकी के पास एक नया खोज कुआँ खोदने के प्रस्ताव पर था। यह जगह मेडुम के पास और उस जगह से लगभग 2 किलोमीटर दूर है जहाँ ONGC ने 2011-12 में गैस की खोज की थी।
ड्रिलिंग की तैयारी का काम चल रहा है। भारी ड्रिलिंग उपकरणों को लाने-ले जाने में आसानी के लिए मेडुम-होर्टोकी सड़क पर इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाया गया है। इसके लिए 2025 में छिमलुंग नदी पर बने पुल को भी मज़बूत किया गया था।
मिज़ोरम ने पहले ही मेडुम इलाके में खोज का काम फिर से शुरू करने की योजना के संकेत दिए थे। ONGC ने होर्टोकी में ड्रिलिंग करने के लिए अपने खोज ब्लॉक के विस्तार की मांग की है।
ONGC ने 2011 में मिज़ोरम में खोज के लिए ड्रिलिंग शुरू की थी और कोलासिब ज़िले में मेडुम और ज़ानलॉन में कुएँ खोदे थे। OIL ने भी आइजोल के पास ऐबॉक, सैतुअल ज़िले में केइफांग और सेरछिप ज़िले में थेनज़ॉल में खोज का काम किया है। अब ध्यान दक्षिणी मिज़ोरम पर
बैठक में दक्षिणी मिज़ोरम, खासकर राबुंग, त्लाबुंग और पालज़ावंग-थिल्टलंग सेक्टर में हाइड्रोकार्बन की खोज का दायरा बढ़ाने पर भी ज़ोर दिया गया।
अधिकारियों ने प्रस्तावित पानीसागर-सिहमुई गैस पाइपलाइन पर चर्चा की। यह राज्य के गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने और संभावित गैस संसाधनों के इस्तेमाल के लिए एक नेटवर्क बनाने की कोशिशों का हिस्सा है।
IGGL (जो IOCL, ONGC, GAIL, OIL और NRL का एक जॉइंट वेंचर है) नॉर्थ ईस्ट गैस ग्रिड बना रहा है। इसका मकसद इस इलाके के बड़े शहरों को जोड़ना और नेचुरल गैस तक पहुंच आसान बनाना है।
बैठक की अध्यक्षता लियानज़ेला ने की। इसमें डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ हाइड्रोकार्बन्स के एडिशनल डायरेक्टर जनरल (एक्सप्लोरेशन) सोहबन पाठक के साथ-साथ ONGC, OIL और IGGL के सीनियर अधिकारी भी शामिल हुए।
राज्य सरकार ने कहा कि मिज़ोरम के हाइड्रोकार्बन संसाधनों की कमर्शियल क्षमता का पता लगाने के लिए टेक्नोलॉजी का ज़्यादा इस्तेमाल, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर तालमेल बहुत ज़रूरी होगा। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करना होगा कि खोज का काम सस्टेनेबल डेवलपमेंट में योगदान दे।
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