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वैज्ञानिक लेखन से इम्यूनोलॉजी तक मिजोरम में विशेषज्ञों का मंथन
आइजोल: मिज़ोरम में वैज्ञानिक लेखन, इम्यूनोलॉजी, संक्रामक रोगों और ट्रांसलेशनल रिसर्च जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल एंड नर्सिंग साइंसेज (RIPANS), आइजोल में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला “From Research Question to Publication: Scientific Writing and Science Communication for Evidence-Based Allied Healthcare Practice” आयोजित की गई, जिसे स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (DHR) और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) का सहयोग प्राप्त था। इसके बाद “Emerging Trends in Immunology, Infectious Diseases, Molecular Diagnostics and Translational Research” विषय पर राष्ट्रीय CME का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों को वैज्ञानिक शोध लेखन, डेटा विश्लेषण और शोध परिणामों को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने की जानकारी देना था। कार्यक्रम में वैज्ञानिक सोच, शोध प्रश्न तैयार करना, अध्ययन डिजाइन, बायोस्टैटिस्टिक्स, मैन्युस्क्रिप्ट तैयार करने और संदर्भ प्रबंधन जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। इसमें ICMR से जुड़े शोध संस्थान, IISER भोपाल, PGIMER चंडीगढ़, NEIGRIHMS और अन्य संस्थानों के विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए।
राष्ट्रीय CME के दौरान इम्यूनोलॉजी और संक्रामक रोगों से जुड़े आधुनिक विषयों पर चर्चा की गई। इसमें होस्ट-पैथोजन इंटरैक्शन, वैक्सीन रिसर्च, वेक्टर जनित रोगों से बचाव, मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स, टी-सेल इम्युनिटी और ट्रांसलेशनल रिसर्च जैसे विषय प्रमुख रहे।
कार्यक्रम में कुल 182 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से विद्यार्थी, शोधार्थी और स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल हुए। इसके अलावा पोस्टग्रेजुएट और पीएचडी छात्रों के लिए ओरल प्रेजेंटेशन सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने शोध कार्य विशेषज्ञों के सामने प्रस्तुत किए।
RIPANS के निदेशक डॉ. संजय डी. सावंत ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम पूर्वोत्तर भारत में शोध क्षमता को मजबूत करने और स्वास्थ्य क्षेत्र में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान का लक्ष्य एलाइड हेल्थकेयर क्षेत्र में शोध और नवाचार को आगे बढ़ाना है।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ संस्थान परिसर में पौधारोपण अभियान भी चलाया गया। विशेषज्ञों और संस्थान के अधिकारियों ने इसमें भाग लेकर हरित परिसर और सतत विकास का संदेश दिया।
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