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मिजोरम: मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने 6 नवंबर को लुंगलेई जिले में 'जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Gen-AI) मिशन' की शुरुआत की। इसका लक्ष्य 80 स्कूलों के 5,500 से अधिक छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बुनियादी जानकारी और व्यावहारिक कौशल से लैस करना है।
'लुंगलेई जेन-AI मिशन: लुंगलेई की जेन-अल्फा, AI से सशक्त' (Lunglei Gen-AI Mission: Lunglei's Gen-Alpha, Empowered by AI) नाम की इस पहल को लुंगलेई के गवर्नमेंट हाई स्कूल में लॉन्च किया गया। इसे जिला प्रशासन के नेतृत्व में जिला शिक्षा कार्यालय और 'कोडयोगी फाउंडेशन' (CodeYogi Foundation) मिलकर लागू कर रहे हैं।
इस मौके पर बोलते हुए, लालदुहोमा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब रोजमर्रा की जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छात्रों को इस तकनीक और इसके उपयोगी अनुप्रयोगों (productive applications) से परिचित कराना बहुत जरूरी है।
उन्होंने बताया कि 2022 से गूगल ट्रांसलेट पर मिज़ो भाषा उपलब्ध होने से लोग अब अपनी भाषा में AI के साथ बातचीत कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ई-ऑफिस, ई-फाइलों और ऑनलाइन पोर्टलों के जरिए डिजिटल गवर्नेंस को तेजी से अपना रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "ऐसा कोई कारण नहीं है कि मिजोरम एक डिजिटल राज्य न बन सके।" उन्होंने राज्य की उच्च साक्षरता दर, कम आबादी और अंग्रेजी जानने वाले लोगों की बड़ी संख्या को इसके लिए एक बड़ा फायदा बताया।
पहले चरण में, कोडयोगी फाउंडेशन ने एक-एक घंटे के 30 लर्निंग मॉड्यूल तैयार किए हैं। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आज के AI प्लेटफॉर्म और उनके व्यावहारिक इस्तेमाल के बारे में बताया गया है। अधिकारियों ने बताया कि ये मॉड्यूल बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि छात्र शिक्षकों की देखरेख में अपनी गति से इन्हें पूरा कर सकें।
लालदुहोमा ने फाउंडेशन की 'कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी' (CSR) पहल की तारीफ की और उम्मीद जताई कि इस कार्यक्रम को अन्य जिलों में भी बढ़ाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने विकास कार्यों के लिए कॉर्पोरेट सहयोग जुटाने के मकसद से एक समर्पित 'CSR सेल' बनाया है।
मुख्यमंत्री ने लुंगलेई में शुरू की गई शिक्षा से जुड़ी कई अन्य पहलों का भी जिक्र किया। इनमें राज्य की पहली 'कॉस्मिक क्लास', तीन स्कूलों में खगोल विज्ञान प्रयोगशालाएं (astronomy labs), स्कूल छोड़ चुके बच्चों के लिए 'लर्निंग ब्रिजेस प्रोग्राम', 'बुक नेस्ट' पहल, मासिक धर्म स्वास्थ्य पर 'प्रोजेक्ट पीरियड प्राइड', वित्तीय साक्षरता के लिए 'मनीवाइज' (MoneyWise) और 'एक दिन के लिए डिप्टी कमिश्नर बनें' (Be Deputy Commissioner for a Day) जैसा कार्यक्रम शामिल हैं। लालदुहोमा ने छात्रों से पूरी लगन के साथ AI मॉड्यूल पूरे करने और नए व रचनात्मक विचार विकसित करने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने सरकारी कर्मचारियों से भी कहा कि वे लगातार अपने तकनीकी कौशल को बेहतर बनाएं और नई उभरती तकनीकों को अपनाएं।
राज्य के 'ट्रांसफॉर्म्ड मिजोरम विजन 2047' का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मिजोरम का लक्ष्य 2047 तक भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में अपने योगदान को मौजूदा 0.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1 प्रतिशत करना है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकारी विभागों के बीच बेहतर तालमेल और आपसी सहयोग की आवश्यकता होगी।
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