मिज़ोरम

बेंगलुरु में छाया मिज़ोरम का स्कूल बैंड, बना राष्ट्रीय चैंपियन

nidhi
6 Oct 2026 12:54 PM IST
बेंगलुरु में छाया मिज़ोरम का स्कूल बैंड, बना राष्ट्रीय चैंपियन
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मिज़ोरम के Neuhof School Band ने जीता
आइजोल/बेंगलुरु: मिज़ोरम के Neuhof English Medium School के Neuhof School Band ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए Yamaha Teens Rock 2026 – The Battle of Bands का खिताब अपने नाम कर लिया है। बेंगलुरु के Prestige Centre for Performing Arts में 4 अक्टूबर को आयोजित ग्रैंड फिनाले में बैंड ने पांच अन्य फाइनलिस्ट टीमों को पीछे छोड़ते हुए राष्ट्रीय विजेता का ताज हासिल किया।
Neuhof School Band ने प्रतियोगिता में Northeast Zone का प्रतिनिधित्व किया था। इससे पहले जोनल राउंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम ने ग्रैंड फिनाले के लिए जगह बनाई थी। फाइनल में देश के अलग-अलग हिस्सों से आई छह टीमों के बीच मुकाबला हुआ।
ग्रैंड फिनाले में CS Howlers ने पहला रनर-अप स्थान हासिल किया, जबकि पश्चिम बंगाल की The Apricity टीम दूसरे रनर-अप स्थान पर रही। प्रतियोगिता में युवा कलाकारों ने लाइव परफॉर्मेंस, संगीत संयोजन, रचनात्मकता और स्टेज प्रेजेंस के जरिए अपनी प्रतिभा दिखाई।
Neuhof School Band की जीत के साथ टीम को 4.5 लाख रुपये का पुरस्कार भी मिला है। यह उपलब्धि मिज़ोरम और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के युवा संगीतकारों के लिए बड़ी प्रेरणा मानी जा रही है।
Yamaha Teens Rock 2026 को Yamaha Music India ने Trinity College London के सहयोग से आयोजित किया। प्रतियोगिता का उद्देश्य स्कूलों और म्यूजिक अकादमियों से जुड़े 18 साल या उससे कम उम्र के युवा संगीतकारों को राष्ट्रीय स्तर का मंच देना था। इस वर्ष प्रतियोगिता छह साल बाद बड़े स्वरूप में वापस आई थी।
इस बार प्रतियोगिता में देशभर से जबरदस्त भागीदारी देखने को मिली। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 680 से अधिक रजिस्ट्रेशन और करीब 270 वीडियो सबमिशन प्राप्त हुए। अलग-अलग चरणों और जोनल मुकाबलों के बाद चुनिंदा टीमों ने ग्रैंड फिनाले में जगह बनाई।
फाइनल कार्यक्रम में संगीत जगत की मशहूर हस्तियां भी मौजूद रहीं। Yamaha के ब्रांड एंबेसडर ए.आर. रहमान के साथ संगीतकार रंजीत बारोट, गुलराज सिंह और रिदम शॉ जैसे कलाकार कार्यक्रम से जुड़े। युवा प्रतिभागियों के लिए बड़े संगीतकारों के सामने प्रस्तुति देना भी अपने आप में खास अनुभव रहा।
Neuhof School Band की जीत ने यह भी दिखाया कि पूर्वोत्तर भारत के युवा संगीतकार राष्ट्रीय मंच पर लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहे हैं। स्कूल स्तर से निकलकर राष्ट्रीय प्रतियोगिता जीतना टीम के सदस्यों के लिए ही नहीं, बल्कि उनके स्कूल और मिज़ोरम के लिए भी बड़ी उपलब्धि है।
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