
Mizoram मिजोरम: मिज़ोरम में केंद्र सरकार के तेज़ 100-दिवसीय ट्यूबरक्लोसिस (TB) अभियान के तहत अब तक लगभग 370 TB मामलों की पहचान की गई है। राज्य भर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से व्यापक स्क्रीनिंग और रोकथाम अभियान चलाया जा रहा है, ताकि बीमारी के प्रसार को नियंत्रित किया जा सके।
यह अभियान 24 मार्च को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया था। इसे राज्य के सभी जिलों में लागू किया जा रहा है, जिसमें विशेष रूप से उन गांवों और वार्डों पर ध्यान दिया जा रहा है जिन्हें TB संक्रमण के लिए उच्च जोखिम वाला क्षेत्र माना गया है।
नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के तहत चल रहे नेशनल ट्यूबरकुलोसिस एलिमिनेशन प्रोग्राम (NTEP) के अनुसार, 24 मार्च से 24 मई के बीच मिज़ोरम में कुल 340 स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों के माध्यम से लोगों की जांच और जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया।
इन जांच शिविरों में कुल 25,509 लोगों की एक्स-रे स्क्रीनिंग की गई, जिनमें से 370 लोगों में ट्यूबरकुलोसिस की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि समय पर पहचान होने से मरीजों का उपचार जल्द शुरू किया जा सका है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा कम होगा।
इसके अलावा, स्वास्थ्य कर्मियों ने संक्रमण को रोकने के लिए मरीजों के संपर्क में आए 488 घरेलू सदस्यों को TB प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (TPT) भी प्रदान किया है। यह कदम संक्रमण को आगे फैलने से रोकने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य TB के मामलों की शुरुआती पहचान करना, समय पर इलाज उपलब्ध कराना और बीमारी को जड़ से खत्म करना है। इसके लिए राज्य के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के व्यापक स्क्रीनिंग कार्यक्रम से न केवल मरीजों की पहचान तेजी से हो रही है, बल्कि लोगों में TB के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत जांच करवाएं।
राज्य सरकार और केंद्र की संयुक्त कोशिशों से मिज़ोरम में TB उन्मूलन अभियान को मजबूती मिल रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले महीनों में और अधिक स्क्रीनिंग कैंप लगाए जाएंगे, ताकि शेष संभावित मामलों की पहचान की जा सके और समय पर इलाज सुनिश्चित किया जा सके।





