मिज़ोरम

सरकारी अस्पताल में आधुनिक हृदय इलाज, मिज़ोरम ने रचा इतिहास

Tara Tandi
6 Oct 2026 6:16 PM IST
सरकारी अस्पताल में आधुनिक हृदय इलाज, मिज़ोरम ने रचा इतिहास
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मिज़ोरम: मिज़ोरम के डॉक्टरों ने आइज़ॉल के एक सरकारी अस्पताल में राज्य का पहला 'लीडलेस पेसमेकर इम्प्लांटेशन' किया है। यह राज्य में एडवांस्ड कार्डियक केयर (दिल की बेहतर देखभाल) को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई ने मंगलवार को बताया कि यह प्रक्रिया सोमवार को आइज़ॉल सिविल अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट की एक टीम ने की। इस टीम का नेतृत्व डॉ. लोन्सी वी. लालज़ारलियाना और डॉ. इसाक लल्लावमकिमा ने किया, और उन्हें कोलकाता के अपोलो मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल के डॉ. उदय शंकर दास का मार्गदर्शन मिला।
यह उपलब्धि 2025 में मिज़ोरम के सबसे बड़े सिविल अस्पताल में कार्डियक कैथीटेराइजेशन (कैथ) लैब लगने के ठीक एक साल बाद हासिल हुई है।
पारंपरिक पेसमेकर के लिए त्वचा के नीचे एक सर्जिकल पॉकेट बनाने और रक्त वाहिकाओं के ज़रिए लीड (तार) डालने की ज़रूरत होती है, लेकिन इसके उलट, लीडलेस पेसमेकर को सीधे दिल के अंदर इम्प्लांट किया जाता है। इसे फीमोरल वेन (जांघ की नस) के ज़रिए कैथेटर डालकर लगाया जाता है।
मंत्री ने कहा कि इस प्रक्रिया में पेसमेकर पॉकेट बनाने के लिए चीरा लगाने की ज़रूरत नहीं पड़ती और न ही रक्त वाहिकाओं से गुज़रने वाली लीड का इस्तेमाल होता है, जिससे यह शरीर में कम दखल देने वाला (less invasive) विकल्प बन जाता है।
लालरिनपुई ने बताया कि इस प्रक्रिया में इस्तेमाल किए गए 'एबॉट एवीईआईआर वीआर' (Abbott AVEIR VR) लीडलेस पेसमेकर की बैटरी लाइफ 18 से 21 साल से ज़्यादा है, जबकि पारंपरिक पेसमेकर की बैटरी लाइफ लगभग 9 से 11 साल होती है।
उन्होंने बताया कि मरीज़, जो 67 साल के पेंशनभोगी हैं, का यह इलाज 'मिज़ो यूनिवर्सल हेल्थ केयर स्कीम' (MUHCS) के तहत किया गया।
डॉ. लोन्सी ने कहा कि यह मिज़ोरम में किया गया पहला लीडलेस पेसमेकर इम्प्लांटेशन था। इससे पहले अस्पताल में कुछ मौकों पर पारंपरिक पेसमेकर इम्प्लांटेशन किए जा चुके हैं।
लालरिनपुई ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "इस उपलब्धि से सिविल अस्पताल आइज़ॉल की कार्डियक-केयर क्षमताएं मज़बूत होने की उम्मीद है और यह मिज़ोरम में दिल के एडवांस्ड इलाज की सुविधा देने की दिशा में एक अहम कदम है।"
उम्मीद है कि इस विकास से ऐसे मरीज़ों को इलाज के लिए मिज़ोरम से बाहर जाने की ज़रूरत कम होगी जिन्हें इस तरह की एडवांस्ड कार्डियक प्रक्रियाओं की ज़रूरत होती है।
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