
Mizoram मिजोरम: मिज़ोरम सरकार अपने भूमि प्रशासन ढांचे में व्यापक बदलाव करने की तैयारी में है। अधिकारियों ने मंगलवार को जानकारी दी कि राज्य सरकार एक नए कानून के माध्यम से मौजूदा सिस्टम को बदलने और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रही है।
राज्य के भूमि राजस्व एवं निपटान मंत्री बी. लालछनज़ोवा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि प्रस्तावित “मिज़ोरम (लैंड रेवेन्यू) बिल, 2026” फिलहाल ड्राफ्टिंग चरण में है। यह नया कानून मौजूदा “मिज़ोरम (लैंड रेवेन्यू) एक्ट, 2013” की जगह लेगा, जिसे सरकार अब पुरानी आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं मान रही है।
मंत्री ने कहा कि मौजूदा भूमि प्रशासन प्रणाली में कई तकनीकी और प्रशासनिक सुधारों की जरूरत महसूस की जा रही थी, जिसे देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। नए कानून का उद्देश्य भूमि प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनाना है।
सरकार भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण, राजस्व प्रणाली में सुधार और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके साथ ही राज्य में राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए भी नई रणनीति अपनाई जा रही है।
मंत्री ने बताया कि सरकार का लक्ष्य आने वाले पांच से छह वर्षों में स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन से हर साल लगभग 100 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित करना है। इसके लिए प्रणाली में तकनीकी सुधार और प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाने की योजना बनाई जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, यह सुधार न केवल राजस्व बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि भूमि से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और गति भी लाएगा। डिजिटल रिकॉर्ड और ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार से आम नागरिकों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि प्रस्तावित कानून लागू होने के बाद भूमि प्रशासन प्रणाली अधिक आधुनिक और जवाबदेह बनेगी, जिससे राज्य के समग्र विकास को भी गति मिलेगी।





