
Mizoram मिजोरम: मिजोरम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) ने राज्य सरकार से पेट्रोल और डीज़ल पर लगाए गए सेस को तुरंत वापस लेने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों के कारण आम लोगों पर आर्थिक बोझ तेजी से बढ़ रहा है और सरकार को इस दिशा में राहत देने के लिए कदम उठाना चाहिए।
Mizoram Pradesh Congress Committee ने गुरुवार को आइजोल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह मुद्दा उठाया। पार्टी के कोषाध्यक्ष लालमलसावमा न्घाका ने कहा कि वैश्विक स्तर पर पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल और ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिसका सीधा असर मिजोरम सहित पूरे देश के उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बार-बार बढ़ोतरी देखी गई है, वहीं एलपीजी सिलेंडर की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं। इसके कारण आम परिवारों का बजट प्रभावित हो रहा है और दैनिक जरूरतों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बन रहा है।
लालमलसावमा न्घाका ने यह भी कहा कि मिजोरम में इस बढ़ोतरी का असर और अधिक गंभीर है, क्योंकि राज्य में परिवहन लागत पहले से ही अधिक है। यहां ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर और विभिन्न व्यवसायों को बढ़ते ऑपरेशनल खर्च का सामना करना पड़ रहा है, जिससे वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ रहा है।
कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार से अपील की है कि वह ईंधन पर लगाए गए सेस को तत्काल प्रभाव से वापस ले, ताकि आम जनता को कुछ राहत मिल सके। पार्टी का कहना है कि सरकार यदि इस कर को कम या समाप्त करती है, तो उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला आर्थिक दबाव काफी हद तक घट सकता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी बताया गया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव के कारण ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन राज्य स्तर पर अतिरिक्त करों से स्थिति और कठिन हो जाती है।
पार्टी ने यह भी कहा कि देश के कई हिस्सों में बढ़ती ईंधन कीमतों को लेकर विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है।
फिलहाल मिजोरम सरकार की ओर से इस मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में ईंधन कर और कीमतों को लेकर बहस और तेज हो सकती है।





