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Mizoram: मुगा सिल्क उत्पादन को लेकर केंद्र का बड़ा फोकस

Kavita2
5 May 2026 4:45 PM IST
Mizoram: मुगा सिल्क उत्पादन को लेकर केंद्र का बड़ा फोकस
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Mizoram मिजोरम: केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने सोमवार को कहा कि मिजोरम में मुगा सिल्क उत्पादन में राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व करने की क्षमता मौजूद है। उन्होंने कहा कि राज्य को रेशम उत्पादन क्षेत्र में मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है और इसके लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं।

गिरिराज सिंह अपने दो दिवसीय मिजोरम दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने आइजोल के ज़ेमाबाक स्थित रेशम उत्पादन प्रशिक्षण संस्थान (Silk Production Training Institute - STI) का दौरा किया। उन्होंने वहां कैंपस में स्थित रेशम रीलिंग फैक्ट्री का भी निरीक्षण किया और उत्पादन प्रक्रिया को करीब से देखा।

संस्थान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने किसानों और बुनकरों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उनके इस दौरे का मुख्य उद्देश्य केवल औपचारिक बैठकों तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर किसानों से जुड़ना और उनकी वास्तविक समस्याओं को समझना है।

उन्होंने यह भी बताया कि मिजोरम पूर्वोत्तर भारत का एकमात्र राज्य है जहां रेशम की चार प्रमुख किस्मों—मुगा, एरी, मलबेरी और तसर—का उत्पादन होता है। इस विविध उत्पादन क्षमता के कारण राज्य को रेशम उद्योग में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है।

गिरिराज सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य मिजोरम को एक प्रमुख मुगा सिल्क उत्पादक राज्य के रूप में विकसित करना है। इसके लिए “सिल्क समग्र 2.0” योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से रेशम उत्पादन, बुनियादी ढांचे और संबंधित गतिविधियों को मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, मिजोरम को 2021-22 से लेकर जनवरी 2026 तक इस योजना के तहत 59.74 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। इस फंड का उपयोग राज्य में रेशम उत्पादन से जुड़ी सुविधाओं के विकास, प्रशिक्षण और तकनीकी सुधार के लिए किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रेशम उद्योग न केवल किसानों और बुनकरों के लिए रोजगार का बड़ा साधन है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सही नीतियों और सहयोग से मिजोरम जल्द ही देश में मुगा सिल्क उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन सकता है।

इस दौरे और निरीक्षण को मिजोरम के रेशम उद्योग के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे राज्य के स्थानीय कारीगरों और किसानों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।

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