
Mizoram मिजोरम: मिज़ोरम के लुंगलेई जिला जेल में सुरक्षा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में बड़ी चूक का मामला सामने आया है, जहां कथित तौर पर नकली कोर्ट रिलीज़ आदेशों के आधार पर 16 कैदियों को जेल से रिहा कर दिया गया। पुलिस ने गुरुवार को इस पूरे मामले की जानकारी दी।
यह मामला इस साल जनवरी से शुरू हुआ माना जा रहा है, लेकिन इसका खुलासा हाल ही में तब हुआ जब लुंगलेई जिला एवं सत्र न्यायालय के अधिकारियों ने कुछ कैदियों की रिहाई से संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड की जांच की। जांच के दौरान पाया गया कि कई कैदियों की रिहाई का कोई आधिकारिक दस्तावेज अदालत में दर्ज ही नहीं था। इसके बाद 25 अप्रैल को पुलिस में मामला दर्ज किया गया।
लुंगलेई के पुलिस अधीक्षक जेरोम लालमुआंकिमा ने बताया कि गड़बड़ी सामने आने के तुरंत बाद एक समन्वित सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। इस अभियान के तहत अब तक रिहा किए गए 16 में से 13 कैदियों को दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि 2 कैदी अभी भी फरार हैं। वहीं, एक रिहा कैदी की मृत्यु की पुष्टि भी हुई है।
पुलिस का मानना है कि यह कोई सामान्य गलती नहीं बल्कि एक संगठित गिरोह की साजिश हो सकती है, जिसमें जेल के अंदर और बाहर दोनों स्तरों पर सहयोग की संभावना है। जांच एजेंसियों के अनुसार, जाली दस्तावेजों की गुणवत्ता और उनके तैयार करने का तरीका एक सुनियोजित नेटवर्क की ओर इशारा करता है।
लुंगलेई जिला जेल के उप अधीक्षक लालरुअत्संगा ने बताया कि फर्जी रिहाई आदेशों में इस्तेमाल की गई मुहरें और दस्तावेजों का प्रारूप लगभग असली कोर्ट आदेशों जैसा ही था, जिससे शुरुआत में किसी को शक नहीं हुआ। इन आदेशों को असली मानकर बिना किसी देरी के लागू कर दिया गया।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि जेल प्रशासन आमतौर पर अदालत के आदेशों पर बिना सवाल किए कार्रवाई करता है, इसी वजह से इन फर्जी दस्तावेजों की पहचान समय पर नहीं हो सकी।
प्रारंभिक जांच में 22 वर्षीय कैदी जेरेमिया लालथंगतुरा को इस पूरे मामले का मुख्य संदिग्ध माना जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उन्हें जेल प्रशासन तक पहुंचाने में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
इस घटना ने राज्य की जेल सुरक्षा व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं और उम्मीद जताई है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।





