मिज़ोरम

ED की बड़ी कार्रवाई: मिजोरम-मणिपुर ड्रग हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़

Tara Tandi
25 Oct 2026 7:02 PM IST
ED की बड़ी कार्रवाई: मिजोरम-मणिपुर ड्रग हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़
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मिजोरम: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भारत-म्यांमार सीमा पर चल रहे ड्रग्स से जुड़े हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। मिजोरम और मणिपुर में की गई संयुक्त छापेमारी के बाद, ED ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है, 1,424 बैंक खातों को फ्रीज किया है और 26.01 करोड़ रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त (अटैच) किया है।
23 अक्टूबर को शुरू हुई इस छापेमारी में मिजोरम के आइजोल, चम्फाई और लॉंगत्लाई, तथा मणिपुर के चुराचांदपुर में कई जगहों को कवर किया गया। एजेंसी ने रविवार को एक बयान में बताया कि यह कार्रवाई म्यांमार से हेरोइन, ब्राउन शुगर और मेथामफेटामाइन टैबलेट की तस्करी से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की
तीन जांचों का हिस्सा
थी।
ED ने यह कार्रवाई नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और मिजोरम पुलिस के साथ मिलकर की। छापेमारी के दौरान संदिग्ध हवाला ऑपरेटरों, 'म्यूल' बैंक खाताधारकों (दूसरों के नाम पर खोले गए खाते), फर्जी व्यवसायों, एक मिनी-ATM काउंटर और उन बैंक शाखाओं को निशाना बनाया गया, जहां इस नेटवर्क से जुड़े अहम खाते मौजूद थे।
ED के अनुसार, दोनों राज्यों में ड्रग्स के कारोबार और संदिग्ध नारको-हवाला ऑपरेटरों से जुड़े 1,424 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है। साथ ही, 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) के तहत 26.01 करोड़ रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त (अटैच) किया गया है।
एजेंसी ने बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से 3 मिजोरम से और 3 मणिपुर से हैं।
ED ने कहा कि 1,643 किलोमीटर लंबी भारत-म्यांमार सीमा, जिसे 'पोरस' (आसानी से पार की जा सकने वाली) सीमा माना जाता है, वहां से नशीले पदार्थों की तस्करी और उनसे जुड़े वित्तीय लेनदेन होते हैं। इसमें मिजोरम का चम्फाई-जोखावथर सेक्टर एक प्रमुख रास्ते के रूप में सामने आया है।
एजेंसी के मुताबिक, ड्रग्स की मात्रा बढ़ाने (डाइल्यूट करने) के लिए इस्तेमाल होने वाले केमिकल और पदार्थ भारत से म्यांमार भेजे जाते हैं, जबकि तैयार नशीले पदार्थ - जैसे हेरोइन, ब्राउन शुगर और मेथामफेटामाइन टैबलेट - म्यांमार से भारत लाए जाते हैं।
आरोप है कि इन नशीले पदार्थों को म्यांमार के खावमावी के सामने, जोखावथर के पास तियाउ नदी के रास्ते भारत लाया जाता है और फिर वहां से चम्फाई पहुंचाया जाता है। वहां से, ये खेपें चम्फाई-आइजोल सड़क और नेशनल हाईवे 6A के रास्ते आइजोल, वैरेन्गटे और असम तथा त्रिपुरा की सीमाओं की ओर जाती हैं।
एजेंसी ने बताया कि मिजोरम और मणिपुर में आने वाली हेरोइन और मेथामफेटामाइन की गोलियां या तो स्थानीय स्तर पर खपा दी जाती हैं, या फिर असम के रास्ते भारत के अन्य हिस्सों और बांग्लादेश भेज दी जाती हैं।
ED के अनुसार, कथित ड्रग कारोबार से होने वाली कमाई को वापस मिजोरम के सीमावर्ती कस्बों में भेजा जाता है, ताकि म्यांमार में बैठे आपूर्तिकर्ताओं (सप्लायर्स) का भुगतान किया जा सके।
ED ने यह भी दावा किया कि जांच के दौरान 'म्यूल' बैंक खातों (दूसरों के नाम पर खोले गए खाते) के धारकों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने खाते संदिग्ध नार्को-हवाला ऑपरेटरों को प्रति लाख 500 रुपये के किराए पर दिए थे।
आरोप है कि इन खातों का इस्तेमाल ड्रग कारोबार से मिलने वाली रकम को इधर-उधर भेजने के लिए किया जाता है, जिससे इस पैसे के असली स्रोत का पता लगाना मुश्किल हो जाता है।
खातों को फ्रीज करना और संपत्तियों को जब्त करना, मिजोरम और मणिपुर में चल रहे संदिग्ध मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच का ही एक हिस्सा है।
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