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ड्रग पॉलिसी ड्राफ्ट पर बैठक शिक्षा
आइजोल: मिज़ोरम के कोलासिब और सेरछिप जिलों में मंगलवार को ड्राफ्ट मिज़ोरम स्टेट स्कूल ड्रग पॉलिसी 2026 को लेकर चर्चा आयोजित की गई। बैठकों में स्कूलों को नशामुक्त बनाने, छात्रों को ड्रग्स से बचाने और जागरूकता, काउंसलिंग व निगरानी व्यवस्था मजबूत करने जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
कोलासिब में डिप्टी कमिश्नर एच. डोलियानबुआइया की अध्यक्षता में जिला प्रशासन के अधिकारियों, शिक्षा विभाग और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने ड्राफ्ट नीति पर चर्चा की। अधिकारियों ने कहा कि युवाओं में बढ़ती नशीली दवाओं की समस्या को देखते हुए स्कूल स्तर पर प्रभावी कदम उठाना जरूरी है।
स्कूलों में बनेगी एंटी-ड्रग कमेटी
प्रस्तावित नीति में हर स्कूल में एंटी-ड्रग कमेटी बनाने का सुझाव दिया गया है। यह कमेटी छात्रों में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने, जोखिम वाले छात्रों की पहचान करने और जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग उपलब्ध कराने में मदद करेगी।
नीति में यह भी प्रस्ताव है कि छात्रों को सजा देने के बजाय उन्हें सहायता, उपचार और पुनर्वास के जरिए मुख्यधारा में वापस लाने पर ध्यान दिया जाए।
काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य पर जोर
ड्राफ्ट नीति में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को भी अहम स्थान दिया गया है। इसमें नशे की ओर बढ़ रहे छात्रों की शुरुआती पहचान, स्क्रीनिंग और काउंसलिंग की व्यवस्था करने का प्रस्ताव रखा गया है।
अधिकारियों का कहना है कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास से भी जुड़ा मुद्दा है।
सेरछिप में भी हुई बैठक
सेरछिप जिले में डिप्टी कमिश्नर पॉल एल. खुम की अध्यक्षता में स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से अलग बैठक आयोजित की गई। इसमें ड्राफ्ट नीति के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई और कई सुझाव राज्य स्तरीय समिति को भेजे गए।
बैठक में अधिकारियों ने सुझाव दिया कि नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान केवल स्कूलों तक सीमित न रहकर परिवार और समुदाय स्तर तक पहुंचना चाहिए। अभिभावकों को भी इन अभियानों में शामिल करने पर जोर दिया गया।
शिक्षकों और काउंसलरों की भूमिका बढ़ेगी
प्रस्तावित नीति में शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण देने और स्कूलों में हेल्थ एंड वेलनेस एंबेसडर या काउंसलर नियुक्त करने का सुझाव दिया गया है। जहां स्थायी काउंसलर उपलब्ध नहीं होंगे, वहां एक से अधिक स्कूलों के लिए साझा काउंसलिंग व्यवस्था बनाने पर भी विचार किया गया है।
देश की पहली स्कूल आधारित ड्रग पॉलिसी बनने का दावा
बैठक में बताया गया कि अगर ड्राफ्ट नीति को मंजूरी मिलती है तो मिज़ोरम स्टेट स्कूल ड्रग पॉलिसी 2026 देश की पहली स्कूल-विशेष ड्रग पॉलिसी बन सकती है। इसका उद्देश्य छात्रों को नशे से दूर रखना और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल तैयार करना है।
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