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मिजोरम में स्वास्थ्य सेवाओं का होगा विस्तार, ADB से मिली आर्थिक मदद

nidhi
8 Nov 2026 11:30 AM IST
मिजोरम में स्वास्थ्य सेवाओं का होगा विस्तार, ADB से मिली आर्थिक मदद
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108 मिलियन डॉलर की योजना में बड़ा कदम
आइजोल: अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) ने मिजोरम की 'यूनिवर्सल हेल्थकेयर स्कीम' (MUHCS) को लागू करने में मदद के लिए 108 मिलियन डॉलर के लोन की पहली किस्त जारी कर दी है। इसके तहत राज्य को 205.49 करोड़ रुपये मिले हैं।
अधिकारियों के अनुसार, मिजोरम द्वारा इस कार्यक्रम के तहत दो 'डिस्बर्समेंट लिंक्ड इंडिकेटर्स' (DLIs) हासिल कर लेने के बाद, ADB ने 29 अक्टूबर को केंद्रीय वित्त मंत्रालय को 21.6 मिलियन डॉलर जारी किए। इसके बाद, 5 नवंबर को मंत्रालय ने राज्य के खाते में 205.4858 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।
मिली हुई कुल राशि में से 20.54 करोड़ रुपये (यानी 10%) को लोन माना जाएगा, जबकि 184.93 करोड़ रुपये (यानी 90%) मिजोरम को ग्रांट (अनुदान) के रूप में मिलेंगे।
वित्त विभाग ने बताया कि MUHCS की वित्तीय स्थिरता को मजबूत करने के लिए इस पूरी राशि को 'हेल्थकेयर कॉर्पस फंड' में रखा जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष के दौरान कम से कम तीन DLIs हासिल करना है। साथ ही, इस कार्यक्रम के तहत लगभग 130 करोड़ रुपये निकालने और उसका इस्तेमाल करने की योजना है।
इस मामले पर इस महीने की शुरुआत में चंडीगढ़ में हुई एक त्रिपक्षीय समीक्षा बैठक में भी चर्चा की गई थी। इस बैठक में राज्य के वित्त विभाग, आर्थिक मामलों के विभाग और ADB के अधिकारी शामिल थे।
मिजोरम ने इस साल 23 जनवरी को ADB के साथ 108 मिलियन डॉलर के लोन समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
ADB टीम के दौरों और परामर्श के बाद, यह प्रोजेक्ट 1 अप्रैल से लागू हो गया।
इस प्रोजेक्ट का प्रस्ताव मूल रूप से 2022 में ज़ोरमथांगा के नेतृत्व वाली 'मिज़ो नेशनल फ्रंट' (MNF) सरकार के समय दिया गया था, जिसका उद्देश्य राज्य की हेल्थकेयर स्कीम के कॉर्पस फंड को मजबूत करना था। बाद में, मौजूदा 'ज़ोरम पीपल्स मूवमेंट' (ZPM) सरकार ने इसे "मिजोरम के लिए यूनिवर्सल हेल्थकेयर हासिल करने हेतु सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली को मजबूत करना" (Supporting Public Health Care System Strengthening to Achieve Universal Health Care for Mizoram) नाम से फिर से शुरू किया।
अक्टूबर में हुई बातचीत के बाद, पिछले साल 5 दिसंबर को ADB बोर्ड ने इस लोन को मंजूरी दी थी। बाहरी सहायता वाली इस परियोजना के तहत, केंद्र सरकार मिज़ोरम को ऋण राशि का 90 प्रतिशत हिस्सा अनुदान (ग्रांट) के रूप में देगी, जबकि बाकी 10 प्रतिशत राशि राज्य सरकार केंद्र को 'सॉफ्ट लोन' (आसान शर्तों वाले ऋण) के रूप में वापस करेगी।
MUHCS (मिज़ोरम यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज स्कीम) की शुरुआत मार्च 2025 में हुई और अगले महीने से यह लागू हो गई। इसके तहत पात्र लाभार्थियों को मिज़ोरम के अंदर और बाहर स्थित सरकारी अस्पतालों, तथा योजना से जुड़े निजी और चर्च द्वारा संचालित अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलता है।
सरकारी कर्मचारियों (जिसमें प्रोविज़नल और मस्टर-रोल कर्मचारी भी शामिल हैं) को असीमित हेल्थ कवर पाने के लिए, अपने वेतनमान के आधार पर हर महीने 200 रुपये से लेकर 1,500 रुपये तक का योगदान देना होगा।
पेंशनभोगी और उनके जीवनसाथी, हर महीने मिलने वाले 1,000 रुपये के 'फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस' (FMA) को छोड़कर, प्रति वित्तीय वर्ष 24 लाख रुपये तक का हेल्थ कवर प्राप्त कर सकते हैं। यह FMA एक तरह से आधारभूत सब्सक्रिप्शन शुल्क का काम करता है।
केंद्र सरकार की 'AB PM-JAY' योजना के लाभार्थियों या 'गोल्डन कार्ड' धारकों को MUHCS के तहत कोई नामांकन शुल्क (एनरोलमेंट फीस) नहीं देना होगा।
सरकार का कहना है कि ADB (एशियाई विकास बैंक) समर्थित इस परियोजना से हेल्थकेयर फंड (कॉर्पस) मजबूत होगा। इससे हेल्थकेयर प्रीमियम और क्लेम पर होने वाले नियमित खर्च को कम करने में मदद मिलेगी और यह योजना लंबे समय तक सुचारू रूप से चलती रहेगी।
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