मिज़ोरम

मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर भड़की कांग्रेस चर्च की मान्यताओं का मुद्दा उठाया

nidhi
23 Sept 2026 1:27 PM IST
मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर भड़की कांग्रेस चर्च की मान्यताओं का मुद्दा उठाया
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CM की टिप्पणी पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
आइजोल: मिजोरम में मुख्यमंत्री लालदुहोमा की एक टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। मिजोरम प्रदेश यूथ कांग्रेस कमेटी (MPYCC) ने मुख्यमंत्री की टिप्पणी की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उनकी कही बातें ईसाई धर्म और चर्च की मान्यताओं के विपरीत हैं। विवाद ऐसे समय सामने आया है जब लालदुहोमा को सत्तारूढ़ जोरम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
लालदुहोमा को सोमवार को 2026-28 के कार्यकाल के लिए ZPM का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उन्होंने लाललियानसावता की जगह ली, जो स्वास्थ्य संबंधी कारणों से कुछ समय से सक्रिय नहीं थे। इसके बाद कांग्रेस की युवा इकाई ने मुख्यमंत्री के साथ पार्टी अध्यक्ष का पद संभालने को लेकर सवाल उठाए।
पुराने फैसले में बदलाव पर उठे सवाल
विवाद की पृष्ठभूमि ZPM के उस पुराने रुख से जुड़ी है, जिसके अनुसार मुख्यमंत्री या मंत्री पद पर रहने वाले व्यक्ति को पार्टी का पदाधिकारी नहीं चुना जाना था। 21 सितंबर को ZPM की बैठक में लालदुहोमा ने इस बदलाव को लेकर अपनी बात रखी थी। इसी दौरान उन्होंने कथित तौर पर ईश्वर की वाचा और यीशु के विचारों में बदलाव का उदाहरण दिया।
मुख्यमंत्री की इसी टिप्पणी को लेकर MPYCC ने आपत्ति जताई। कांग्रेस की युवा इकाई का कहना है कि राजनीतिक संगठन के नियमों में बदलाव को समझाने के लिए धार्मिक मान्यताओं का ऐसा संदर्भ देना उचित नहीं है।
चर्च की शिक्षा का दिया हवाला
MPYCC ने प्रेस्बिटेरियन सिद्धांत का हवाला देते हुए कहा कि ईश्वर के चरित्र को शाश्वत और अपरिवर्तनीय माना जाता है। संगठन ने दावा किया कि पार्टी के पुराने रुख में बदलाव को समझाने के लिए ईश्वर और यीशु का उदाहरण देना इन धार्मिक शिक्षाओं के अनुरूप नहीं है। यह कांग्रेस की युवा इकाई का आरोप है; इसे चर्च निकायों की स्वतंत्र आधिकारिक प्रतिक्रिया के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
ZPM अध्यक्ष बने लालदुहोमा
लालदुहोमा के ZPM अध्यक्ष बनने के बाद राज्य में पार्टी और सरकार में उनकी भूमिका को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हुई है। कांग्रेस ने ZPM के पहले के रुख और मौजूदा फैसले के बीच अंतर को मुद्दा बनाया है। MPYCC ने इसके साथ ही राज्य सरकार पर चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं करने का भी आरोप लगाया है।
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्ट में इस विशेष आरोप पर किसी प्रमुख चर्च संगठन की स्वतंत्र प्रतिक्रिया दर्ज नहीं है। इसलिए यह विवाद मुख्य रूप से MPYCC की ओर से मुख्यमंत्री की टिप्पणी की धार्मिक व्याख्या और ZPM के संगठनात्मक फैसले पर उठाए गए सवालों से जुड़ा है।
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