मिज़ोरम

मिजोरम में AIR आइज़ोल की 90वीं वर्षगांठ पर मिजो पहचान और संस्कृति को लेकर विशेष कार्यक्रम

Kavita2
6 May 2026 12:44 PM IST
मिजोरम में AIR आइज़ोल की 90वीं वर्षगांठ पर मिजो पहचान और संस्कृति को लेकर विशेष कार्यक्रम
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Mizoram मिजोरम: मिजोरम में 5 मई को ऑल इंडिया रेडियो (AIR) आइज़ोल की 90वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम और म्यूज़िकल कॉन्सर्ट का आयोजन किया गया। इस मौके पर राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री बी. लालछनज़ोवा ने AIR आइज़ोल की भूमिका की सराहना करते हुए इसे “मिजो पहचान का एक अहम संरक्षक” बताया।

मंत्री ने कहा कि ऑल इंडिया रेडियो ने मिजोरम की भाषा, संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने में लंबे समय से महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब दुनिया के कई हिस्सों में स्थानीय संस्कृतियां धीरे-धीरे कमजोर हो रही हैं, ऐसे समय में AIR जैसी संस्थाएं स्थानीय पहचान को बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रही हैं।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित म्यूज़िकल कॉन्सर्ट में स्थानीय कलाकारों ने मिजो पारंपरिक संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिसने दर्शकों को आकर्षित किया। इस आयोजन को AIR आइज़ोल की 90 साल की यात्रा का जश्न माना गया, जिसमें इसकी शुरुआत से लेकर अब तक की भूमिका को याद किया गया।

बी. लालछनज़ोवा ने अपने संबोधन में कहा कि रेडियो केवल सूचना का माध्यम नहीं रहा, बल्कि यह मिजोरम जैसे दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों को जोड़ने और उनकी संस्कृति को जीवित रखने का एक मजबूत जरिया रहा है। उन्होंने कहा कि AIR आइज़ोल ने मिजो भाषा में प्रसारण करके स्थानीय लोगों तक उनकी अपनी पहचान और परंपराओं को पहुंचाने का कार्य किया है।

उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक डिजिटल युग में भी रेडियो की प्रासंगिकता बनी हुई है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां इंटरनेट या अन्य संचार साधनों की पहुंच सीमित है। ऐसे में AIR का योगदान और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।

कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं और कलाकारों ने भी AIR की भूमिका की सराहना की और कहा कि इसने न केवल समाचार और मनोरंजन उपलब्ध कराया, बल्कि सामाजिक जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

90वीं वर्षगांठ का यह आयोजन मिजोरम की सांस्कृतिक विरासत और ऑल इंडिया रेडियो के बीच लंबे संबंधों को दर्शाता है। इस अवसर पर यह संदेश भी दिया गया कि स्थानीय भाषा और संस्कृति को संरक्षित रखने के लिए ऐसे माध्यमों को लगातार मजबूत करने की आवश्यकता है।

कुल मिलाकर, यह कार्यक्रम केवल एक उत्सव नहीं था, बल्कि मिजो समाज की पहचान, भाषा और परंपरा को सहेजने में ऑल इंडिया रेडियो आइज़ोल की भूमिका को सम्मान देने का एक महत्वपूर्ण अवसर था।

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