
Meghalaya मेघालय: मेघालय में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा विस्तार होने जा रहा है। ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) ने ईस्ट गारो हिल्स जिले के विलियमनगर पॉलिटेक्निक में दो नए डिप्लोमा कोर्स शुरू करने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही राज्य में तकनीकी शिक्षा का बुनियादी ढांचा और मजबूत होने की उम्मीद है।
AICTE के लेटर ऑफ अप्रूवल के अनुसार, 2026-27 शैक्षणिक सत्र से सिविल इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे। दोनों कोर्स में 30-30 सीटों की प्रवेश क्षमता निर्धारित की गई है। यह मंजूरी AICTE के नए संस्थानों और कोर्स के लिए चल रही मान्यता प्रक्रिया के तहत 9 अप्रैल को जारी की गई है।
यह संस्थान विलियमनगर के सैमगोंगरे क्षेत्र में स्थित है और इसे शिलांग स्थित मेघालय स्टेट काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन से संबद्ध किया जाएगा। इस फैसले से क्षेत्र के छात्रों को इंजीनियरिंग शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे और उन्हें तकनीकी पढ़ाई के लिए राज्य से बाहर जाने की जरूरत कम होगी।
मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे गारो हिल्स क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि इस पहल से युवाओं को तकनीकी कौशल सीखने और राज्य में ही रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
अधिकारियों के अनुसार, इन नए कोर्सों के शुरू होने से गारो हिल्स में डिप्लोमा स्तर की इंजीनियरिंग शिक्षा की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे स्थानीय छात्रों को काफी लाभ होगा। इससे क्षेत्र में शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी कम होने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
AICTE के दस्तावेज के अनुसार, राज्य सरकार की नीति के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए निर्धारित आरक्षण के अतिरिक्त 10 प्रतिशत अतिरिक्त सीटों की अनुमति भी दी जा सकती है। यह प्रावधान अधिक छात्रों को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने में सहायक होगा।
इसके अलावा, यह मंजूरी दो वर्षों के लिए वैध होगी, जिसके भीतर संस्थान को सभी संबद्धता और प्रवेश संबंधी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इसके बाद ही कोर्स पूरी तरह से नियमित रूप से संचालित किए जा सकेंगे।
कुल मिलाकर, इस मंजूरी से मेघालय में तकनीकी शिक्षा के अवसरों का विस्तार होगा और स्थानीय युवाओं को इंजीनियरिंग क्षेत्र में आगे बढ़ने का बेहतर मंच मिलेगा।





