
MEGHALAY मेघालय: सरकार ने राज्य की तीनों स्वायत्त जिला परिषदों को वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने कहा कि यह सहायता केवल उन्हीं परिषदों को मिलेगी जो सख्त वित्तीय सुधारों को अपनाने के लिए तैयार होंगी। यह मदद पूरी तरह वैकल्पिक होगी और परिषदें स्वयं तय करेंगी कि इसे स्वीकार करना है या नहीं। सरकार ने स्पष्ट किया कि बिना सुधार के कोई फंड जारी नहीं होगा। सुधारों में कर्मचारी सेवा नियमों में बदलाव और एक वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति शामिल है, जो परिषदों के वित्तीय प्रबंधन की निगरानी करेगा। हालांकि, यह सुधार भूमि, रीति-रिवाज और पारंपरिक अधिकारों को प्रभावित नहीं करेंगे।
मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि गारो हिल्स परिषद को पिछले साल 70 करोड़ रुपये वेतन की जरूरत थी, जबकि उसकी आय 25 करोड़ रुपये से भी कम रही, जिससे हर साल 40–50 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। जयंतिया हिल्स परिषद की स्थिति भी इसी तरह की है। सरकार ने इस पर चर्चा के लिए तीन उप-समितियां बनाने का निर्णय लिया है, जो 45 दिनों में परिषदों से बातचीत कर रिपोर्ट पेश करेंगी। सुरक्षा मुद्दों पर बोलते हुए सीएम संगमा ने स्वीकार किया कि सीमा क्षेत्रों में उग्रवादी गतिविधियों की सूचनाएं मिली हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की स्थिति बदलने से सुरक्षा संतुलन प्रभावित हो रहा है, लेकिन जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता।





