
Meghalaya मेघालय: मेघालय सरकार ने अपने पूरे राज्य में वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) करने की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया के नोटिफिकेशन और शेड्यूल का इंतजार कर रहा है। यह रिवीजन राज्य की सभी 60 असेंबली सीटों पर लागू होगा और इसका मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट की वैरिफिकेशन करना है।
चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर ब्रह्मा देव राम तिवारी ने कहा कि इस प्रक्रिया के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर वोटर की जानकारी की जांच करेंगे। इसमें जन्मस्थान, पहचान और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट्स की जाँच की जाएगी ताकि किसी भी अयोग्य या गैर-नागरिक एंट्री को हटाया जा सके। अधिकारी ने बताया कि इस कदम से वोटर लिस्ट की पारदर्शिता बढ़ेगी और केवल असली भारतीय नागरिक ही सूची में रहेंगे।
सोशल और सिविल सोसाइटी ग्रुप्स इस रिवीजन की मांग कर रहे हैं, खासकर गारो हिल्स ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (GHADC) चुनावों से पहले। मार्च में गारो हिल्स में हुई गड़बड़ी के बाद, कॉन्फेडरेशन ऑफ़ मेघालय सोशल ऑर्गनाइज़ेशन्स (CoMSO) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार को पत्र भेजकर रोल रिव्यू की मांग की थी। पत्र में यह अनुरोध किया गया कि वोटर लिस्ट में केवल वास्तविक भारतीय नागरिक शामिल हों और आदिवासी समुदायों के हितों की रक्षा की जाए।
मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने इस पहल के समर्थन की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के साथ मिलकर इस प्रक्रिया को सुचारु रूप से लागू करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि रिवीजन पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से होगा।
वोटर रिवीजन प्रक्रिया के तहत वोटर्स को चार कैटेगरी में बांटा जाएगा। प्रत्येक कैटेगरी में शामिल होने के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स जमा करना अनिवार्य होगा। BLOs प्रत्येक घर का दौरा करके 2005 के रोल में नाम और माता-पिता के नाम की जानकारी की जांच करेंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केवल योग्य और प्रमाणित वोटर्स ही वोटिंग प्रक्रिया में शामिल हों।
अधिकारियों का कहना है कि यह कदम राज्य में चुनावी निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। SIR के माध्यम से न केवल गैर-नागरिकों को हटाया जाएगा, बल्कि किसी भी तरह की गलत प्रविष्टियों को भी सुधारा जाएगा। इस प्रक्रिया से आदिवासी क्षेत्रों में वोटिंग प्रणाली की पारदर्शिता बढ़ाने और समुदायों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
राज्य चुनाव आयोग ने लोगों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में सहयोग करें और अपने दस्तावेज़ समय पर प्रस्तुत करें। इससे मतदाता सूची की सटीकता बढ़ेगी और आने वाले GHADC चुनावों में निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित होगा।





