मेघालय

सोनम रघुवंशी को जमानत पर राहत, मेघालय HC ने ट्रायल कोर्ट का आदेश बरकरार रखा

Kavita2
30 Jun 2026 10:38 AM IST
सोनम रघुवंशी को जमानत पर राहत, मेघालय HC ने ट्रायल कोर्ट का आदेश बरकरार रखा
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Meghalaya मेघालय: हाई कोर्ट ने सोमवार को 2025 के एक हाई-प्रोफाइल हत्या मामले में आरोपी सोनम रघुवंशी को दी गई जमानत को लेकर ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है। यह मामला पूर्वोत्तर राज्य में हुए कथित हनीमून ट्रिप के दौरान पति की हत्या से जुड़ा हुआ है, जिसने पूरे देश में चर्चा बटोरी थी।

हाई कोर्ट के जस्टिस डब्ल्यू डिएंगदोह की सिंगल जज बेंच ने राज्य सरकार की ओर से दायर क्रिमिनल पिटीशन को खारिज कर दिया। राज्य सरकार ने अपनी याचिका में ट्रायल कोर्ट द्वारा 27 अप्रैल को दी गई जमानत को रद्द करने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने सभी दलीलों पर विचार करने के बाद ट्रायल कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।

यह मामला वर्ष 2025 में सामने आया था, जब सोनम रघुवंशी पर अपने पति की हत्या का आरोप लगा था। आरोप है कि यह घटना उनके हनीमून के दौरान मेघालय में हुई थी। घटना के बाद पुलिस जांच शुरू हुई और मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया था। जांच एजेंसियों ने इसे गंभीर आपराधिक मामला मानते हुए विस्तृत जांच शुरू की थी।

राज्य सरकार ने अदालत में यह दलील दी थी कि आरोपी को जमानत पर बाहर रहने देने से जांच और गवाहों पर असर पड़ सकता है। सरकार की ओर से यह भी कहा गया था कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत आदेश को रद्द किया जाना चाहिए। हालांकि, अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और ट्रायल कोर्ट के आदेश को सही ठहराया।

ट्रायल कोर्ट ने 27 अप्रैल को सुनवाई के बाद सोनम रघुवंशी को जमानत प्रदान की थी। उस समय अदालत ने मामले से जुड़े तथ्यों, जांच की प्रगति और अन्य कानूनी पहलुओं पर विचार किया था। जमानत मिलने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया था और राज्य सरकार ने इसे हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे। सरकार की ओर से कहा गया कि यह एक गंभीर अपराध का मामला है और आरोपी को जमानत देना जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। वहीं बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी जांच में सहयोग कर रही है और उसे लंबे समय तक हिरासत में रखना उचित नहीं होगा।

सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस डब्ल्यू डिएंगदोह की सिंगल जज बेंच ने कहा कि ट्रायल कोर्ट द्वारा जमानत देने के निर्णय में कोई स्पष्ट कानूनी त्रुटि नहीं दिखाई देती, जिसके आधार पर उसे रद्द किया जाए। इसी आधार पर हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की याचिका खारिज कर दी।

इस फैसले के बाद सोनम रघुवंशी को फिलहाल जमानत पर राहत बनी रहेगी। हालांकि, मामला अभी ट्रायल कोर्ट में विचाराधीन है और आगे की सुनवाई जारी रहेगी। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि ट्रायल की प्रक्रिया के दौरान सभी साक्ष्यों और गवाहों की विस्तृत जांच की जाएगी।

यह मामला इसलिए भी चर्चा में रहा है क्योंकि यह एक अंतरराज्यीय और संवेदनशील आपराधिक मामला माना जा रहा है। हनीमून के दौरान हत्या के आरोप ने इसे और अधिक गंभीर बना दिया था, जिसके चलते यह राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गया था।

पुलिस और जांच एजेंसियां अभी भी मामले की तह तक जाने के लिए काम कर रही हैं। हालांकि, जमानत बरकरार रहने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आगे की सुनवाई में अदालत किस तरह के निष्कर्ष पर पहुंचती है।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, हाई कोर्ट का यह फैसला केवल जमानत के तकनीकी पहलुओं पर आधारित है और इसका सीधा प्रभाव अंतिम ट्रायल पर नहीं पड़ता। अंतिम निर्णय ट्रायल कोर्ट में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर ही लिया जाएगा।

फिलहाल इस फैसले के बाद मामले में एक नया मोड़ आ गया है और सभी की नजरें अब आगे की सुनवाई पर टिकी हैं। राज्य सरकार के पास भी आगे कानूनी विकल्प खुले हुए हैं, जिनका उपयोग वह परिस्थितियों के अनुसार कर सकती है।

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