
Meghalaya मेघालय: मेघालय के लिए महत्वपूर्ण एयर कनेक्टिविटी हब माने जाने वाले शिलांग स्थित उमरोई एयरपोर्ट के लंबे समय से प्रस्तावित विस्तार कार्य में अब करीब 2 से 3 महीने की देरी होने की संभावना जताई जा रही है। यह देरी मुख्य रूप से डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) से अंतिम मंजूरी न मिलने के कारण हो रही है।
मामले से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, परियोजना के लिए आवश्यक अधिकांश अनुमतियां पहले ही मिल चुकी हैं, लेकिन एविएशन रेगुलेटर DGCA की अंतिम स्वीकृति अभी बाकी है। उम्मीद की जा रही है कि DGCA परियोजना को आगे बढ़ाने से पहले सुरक्षा मानकों और निर्माण योजना की विस्तृत समीक्षा करेगा, ताकि विस्तार कार्य के दौरान एयरपोर्ट संचालन सुरक्षित और सुचारु बना रहे।
एयरपोर्ट विस्तार की जिम्मेदारी KCC बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी गई है। कंपनी ने साइट पर प्रारंभिक तैयारियों के तहत मैनपावर तैनात करना शुरू कर दिया है और भारी निर्माण उपकरण भी पहुंचाए जा रहे हैं, ताकि काम शुरू होने पर तेजी से प्रगति की जा सके।
परियोजना के औपचारिक रूप से शुरू होने के बाद इसके पूरा होने में लगभग 15 महीने का समय लगने का अनुमान है। विस्तार कार्य पूरा होने के बाद उमरोई एयरपोर्ट की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और यह बड़े विमानों को संभालने में सक्षम हो जाएगा।
परियोजना के तहत एयरपोर्ट टर्मिनल क्षेत्र को 10,500 वर्ग मीटर तक विस्तारित किया जाएगा। इसके साथ ही बड़े विमानों के संचालन को सुगम बनाने के लिए रनवे को भी लंबा किया जाएगा। इस विकास से शिलांग के साथ-साथ पूरे मेघालय में हवाई संपर्क व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।
स्थानीय प्रशासन और विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। हालांकि, DGCA की मंजूरी में हो रही देरी ने फिलहाल परियोजना की समयसीमा को प्रभावित किया है।
फिलहाल सभी की निगाहें DGCA की अंतिम स्वीकृति पर टिकी हैं, जिसके बाद ही विस्तार कार्य को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया जा सकेगा।





