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ट्रेडिंग लाइसेंस के अभाव में अटकी शिलांग पीक रोपवे परियोजना
गुवाहाटी: खासी हिल्स ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (KHADC) ने शिलांग पीक रोपवे प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य रोक दिया है। यह प्रोजेक्ट मदन लबान से शिलांग व्यू पॉइंट तक बनाया जा रहा था। निर्माण कार्य रोकने का कारण यह है कि इसे लागू करने वाली कंपनी ने काउंसिल से जरूरी 'ट्रेडिंग लाइसेंस' (व्यापार लाइसेंस) नहीं लिया है।
चीफ एग्जीक्यूटिव मेंबर (CEM) विंस्टन टोनी लिंगदोह ने बताया कि यह फैसला तब लिया गया, जब कंपनी ने बार-बार कहने के बावजूद जरूरी लाइसेंस नहीं लिया।
निर्माण स्थल को बंद करने का आदेश देने के बाद मीडिया से बात करते हुए, लिंगदोह ने कहा कि काउंसिल ने कंपनी को दो 'शो-कॉज नोटिस' (कारण बताओ नोटिस) जारी किए थे, क्योंकि कंपनी बिना ट्रेडिंग लाइसेंस के ही काम कर रही थी। ये नोटिस इस साल मई और सितंबर में दिए गए थे।
लिंगदोह के अनुसार, कंपनी ने नोटिस का जवाब देते हुए काउंसिल को भरोसा दिलाया था कि वे 7 से 10 दिनों के भीतर सभी जरूरी शर्तें पूरी कर लेंगे। हालांकि, कंपनी ने अभी तक संबंधित अधिकारियों से 'नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) नहीं लिया है, जो ट्रेडिंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने के लिए जरूरी होता है। लिंगदोह ने कहा, "हमने उन्हें शो-कॉज नोटिस दिए थे, जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि वे 7 से 10 दिनों के भीतर डिस्ट्रिक्ट काउंसिल की सभी शर्तें पूरी कर लेंगे। लेकिन आज तक उन्होंने ट्रेडिंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने हेतु अधिकारियों से NOC (नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) नहीं लिया है।"
उन्होंने आगे कहा कि अगर कंपनी सभी जरूरी दस्तावेज जमा कर देती है, तो काउंसिल उनके आवेदन पर आगे की प्रक्रिया शुरू कर देगी। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कंपनी शर्तें पूरी करने में विफल रहती है, तो निर्माण स्थल को सील कर दिया जाएगा।
लिंगदोह ने कहा कि यह कदम डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के अधिकार को बनाए रखने और राज्य में काम कर रही अन्य कंपनियों के सामने एक मिसाल पेश करने के लिए उठाया गया है।
उन्होंने कहा, "यह सभी कंपनियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि वे बिना ट्रेडिंग लाइसेंस लिए राज्य में आकर किसी प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं कर सकतीं।"
CEM ने यह भी कहा कि काउंसिल राज्य के बाहर की किसी भी कंपनी को अपनी लाइसेंसिंग शर्तों का पालन किए बिना कोई भी प्रोजेक्ट शुरू करने की अनुमति नहीं देगी।
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