मेघालय

मेघालय के उमरोई में ‘PRAGATI 2026’ सैन्य अभ्यास शुरू, 13 देशों की सेनाएँ शामिल

Kavita2
20 May 2026 4:49 PM IST
मेघालय के उमरोई में ‘PRAGATI 2026’ सैन्य अभ्यास शुरू, 13 देशों की सेनाएँ शामिल
x

Meghalaya मेघालय: मेघालय के उमरोई मिलिट्री स्टेशन पर बुधवार को एक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास की शुरुआत हुई, जिसमें भारत सहित 13 देशों की सेनाएँ हिस्सा ले रही हैं। यह दो सप्ताह तक चलने वाला संयुक्त अभ्यास है, जिसका उद्देश्य जंगल और पहाड़ी इलाकों में आतंकवाद-रोधी अभियानों की दक्षता को मजबूत करना है।

इस सैन्य अभ्यास का नाम ‘PRAGATI 2026’ रखा गया है। इसमें भारत के साथ भूटान, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, फिलीपींस, सेशेल्स, श्रीलंका और वियतनाम की सेनाएँ शामिल हैं। विभिन्न देशों की भागीदारी इस अभ्यास को और अधिक महत्वपूर्ण बनाती है, क्योंकि इससे क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

रक्षा PRO लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत के अनुसार, इस अभ्यास को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि भाग लेने वाली सेनाओं के बीच आपसी तालमेल, समन्वय और ऑपरेशनल अनुकूलता को बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि आधुनिक सैन्य चुनौतियों को देखते हुए ऐसे संयुक्त अभ्यास अत्यंत आवश्यक हैं।

अभ्यास के दौरान सैनिकों को विशेष रूप से जंगल युद्ध, पहाड़ी क्षेत्रों में ऑपरेशन, आतंकवाद-रोधी रणनीतियों और आपसी समन्वय से जुड़े विभिन्न प्रशिक्षण दिए जाएंगे। इसके अलावा मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों से जुड़े अभ्यास भी शामिल किए गए हैं।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बहुराष्ट्रीय अभ्यास न केवल सैन्य सहयोग को बढ़ाते हैं, बल्कि विभिन्न देशों की सेनाओं को एक-दूसरे की रणनीति और तकनीक को समझने का अवसर भी प्रदान करते हैं।

पूर्वोत्तर भारत की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यह अभ्यास विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यहां का क्षेत्र घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों से घिरा हुआ है, जहां आतंकवाद-रोधी अभियानों के लिए विशेष कौशल की आवश्यकता होती है।

‘PRAGATI 2026’ के माध्यम से भारत अपने रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे अभ्यास भविष्य में संयुक्त सुरक्षा अभियानों की क्षमता को भी बढ़ाते हैं।

कुल मिलाकर, उमरोई में शुरू हुआ यह बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग और सैन्य समन्वय को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

Next Story